विदेश से करोड़ो रुपये का पैकेज छोड़ भारत आया ये शख्स - जाने यहाँ कैसे बना IPS - Sarkari Naukri Career

Tuesday, January 2, 2018

विदेश से करोड़ो रुपये का पैकेज छोड़ भारत आया ये शख्स - जाने यहाँ कैसे बना IPS

विदेश से करोड़ो रुपये का पैकेज छोड़ भारत आया ये शख्स - जाने यहाँ कैसे बना IPS
मित्रों ,आज आपको एक ऐसे शख्स के बारे में बताने जा रहे है ,जिन्होंने लंदन और जापान के बैंक में एक करोड़ से अधिक के पैकेज को छोड़ कर वापस भारत आ गये । यहाँ इन्होने दो बार आईपीएस एग्जाम को क्वालि‍फाई किया और वर्तमान में एसपी मिर्जापुर के पद पर तैनात है | इन  शख्स का नाम आशीष तिवारी है | इनके बारे में आपको इस पेज पर विस्तार से बता रहें है |


परिचय
आशीष मूल रूप से मध्य प्रदेश के इटारसी के रहने वाले हैं । इनके पिताजी का नाम कैलाश नारायण तिवारी है ,जो रेलवे इटारसी में सेक्शन इंजीनियर के पद पर कार्यरत है | आशीष की 12वीं तक की पढ़ाई इटारसी के केंद्रीय विद्यालय से प्राप्त की । वर्ष 2002 से 2007 तक इन्होने कानपुर आईआईटी से कम्प्यूटर साइंस में बीटेक और एमटेक किया | वर्ष 2007 में कैम्पस सेलेक्शन के दौरान लंदन की लेहमैन ब्रदर्स कंपनी में सेलेक्ट हुए और यहाँ इन्होने डेढ़ वर्ष तक कार्य किया, इसके पश्चात इन्होने जापान के नोमुरा बैंक में डेढ़ वर्ष तक कार्य किया ।


आशीष जी का सेलेक्शन दोनों बैंकों में एक्सपर्ट एनालिस्ट पैनल में हुआ था । वर्ष 2010 में आशीष इंडि‍या वापस आये ,और सिविल सर्विस की तैयारी प्रारंभ की |वर्ष  2011 में इनका सेलेक्शन आईआरएस इनकम टैक्स में हुआ , इसमें इन्हें  330वीं रैंक प्राप्त हुई । इसके पश्चात वर्ष  2012 में इनका सेलेक्शन आईपीएस में  हुआ ,और इसमें इन्होने 219वीं रैंक प्राप्त  की । वर्ष 2013 में आईपीएस ट्रेनिंग के दौरान एक बार फिर आईपीएस में सि‍लेक्शन हुआ और उन्हें 247वीं रैंक प्राप्त हुई ।


ऐसे सवाल -जिनका जवाब देकर आईपीएस बनें
1.रोड पर चलते हुए आपको पीछे से कोई घूंसा मार दे ,तो आप क्या करेंगे ?
उत्तर- गुस्सा करने की जगह कूल रहूँगा ,फिर संयम रखते हुए उससे बात करूँगा |

2.विदेश में करोडो की जॉब छोड़कर क्यों आये ?
उत्तर- देश ने हमें बहुत कुछ दिया है ,इसलिए हमें भी देश के लिए कुछ करना चाहिए ,अपने घर में इकलौता बेटा हूँ ,प्राइवेट सेक्टर में पैसे की दौड़ में नहीं जाना चाहता |

3.सिविल सर्विस में आकर आप देश को क्या देंगे ?
उत्तर- मैं अपने अनुभव के आधार पर नए प्रयोग कर सकता हूँ ,पुलिस को नई चीजों और नयी सोंच की आवश्यकता है |

4.आप इस नौकरी में आई टी का प्रयोग कैसे करेंगे ?
उत्तर- स्मार्ट कार्ड से लेकर चोरी की डिटेल निकलवाने और पुलिसिंग जैसे प्रत्येक स्टेज में इसका प्रयोग किया जा सकता है ,अधिकतर बड़े क्राइम टेक्नोलॉजी के द्वारा ही साल्वे किये जाते है |

5.क्यों ना अमीर  के ऊपर टैक्स बढ़ा दे ,और गरीब  के ऊपर टैक्स घटा दिया जाये तो कैसा रहेगा ?
उत्तर- टैक्स राजस्व का बहुत बड़ा सोर्स है | दोनों की कमाई के बेसिस पर टैक्स लग्न चाहिए |


6.आपके थाने में कौन -कौन से रजिस्टर होते है ?
उत्तर- आठ नंबर क्राइम का रजिस्टर ,मालखाना रजिस्टर ,ग्राम अपराध रजिस्टर |

7.दस नम्बरी रजिस्टर क्या होता है ?
उत्तर- यह हिस्ट्रीशीटरो का रजिस्टर होता है |

8.हिस्ट्रीशीटर को चेक करने के लिए आप उनके घर जाते है ,या उन्हें थाने बुलाते है ?
उत्तर- जाँच के लिए सिपाही उनके घर जाते है | समय -समय पर टीम के साथ दबिश दी जाती है |


9.प्रत्येक स्थान पर पुलिस का परसेप्शन ख़राब मन जाता है ,इसको अच्छा करने के लिए आप क्या करेंगे ?
उत्तर- कांस्टेबलो को गुड बिहैवियर का प्रशिक्षण ,डिपार्टमेंट लेवल पर ट्रेनिंग , आईपीसी और सीआरपीसी की जानकारी देनी होगी |

10.पुलिस सेवा में इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी का प्रयोग कैसे करेंगे ?


उत्तर- वीआईपी ड्यूटी लगाने में ,बीट ड्यूटी में ,इलेक्शन थाने की ड्यूटी ,लाइन की ड्यूटी लगाने के साथ बड़े क्राइम का खुलासा करने में |

11.कंप्यूटर या इलेक्ट्रिसिटी नहीं होने पर आप आईटी का प्रयोग कैसे करेंगे ?
उत्तर- मोबाइल के द्वारा |

12.80 और 20  का रूल क्या है ?
उत्तर- यदि आप 20  प्रतिशत चीजों का सही फोकस करेंगे तो 80  प्रतिशत चीजे अपने आप सही हो जाएँगी ,जैसे एजुकेशन ,हेल्थ ,इंफ्रास्ट्रक्चर पर 20 प्रतिशत सही फोकस करेंगे तो 80  प्रतिशत अपने आप सही हो जाएँगी |


13.ज्ञान और सूचना में क्या अंतर है ?
उत्तर- सूचना में वेग होता है और ज्ञान में सेन्स है | हमारे लिए सूचना ज्ञान की इनिशनल स्टेज है ,जिससे जानकारी डेवेलोप करते है |

14.आपने जापानी और अमेरिकन बैंको में कार्य किया है ,बताईये दोनों में क्या अंतर है ?
उत्तर- जापानी बैंक रिस्क कम लेता है ,जबकि अमेरिकी बैंक रिस्क अधिक लेता है इसलिए पैसे अधिक कमाते है | कुल मिलकर कछुए और खरगोश जैसी कहानी है |


15.दलाईलामा से हमारे रिलेशन कैसे है और तिब्बत चीन का पार्ट है या नहीं ?
उत्तर- उनसे रिलेशन अच्छे है और तिब्बत चीन का पार्ट नहीं है |

मित्रों,यहाँ हमनें  आपको पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारीजी के बारे में बताया | यदि इससे सम्बंधित आपके मन में कोई प्रश्न आ रहा है तो कमेंट बाक्स के माध्यम से व्यक्त कर सकते है | हम आपके द्वारा की गयी प्रतिक्रिया का इंतजार है |

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