बजट 2018 : आम आदमी के अपेक्षाएं और सम्भावनाये

Thursday, February 1, 2018

बजट 2018 : आम आदमी के अपेक्षाएं और सम्भावनाये

बजट 2018 : आम आदमी के अपेक्षाएं और सम्भावनाये
देश के विकास को सुचारू रूप से जारी रखने हेतु सरकार द्वारा बजट बनाया जाता है ,जिसके द्वारा आमदनी और खर्चों का हिसाब किया जा सके । हमारे देश में केंद्रीय बजट मुख्यता दो प्रकार के होते है ,पहला रेलवे बजट ,जो रेलवे वित्त का ब्‍यौरा दर्शाता है तथा दूसरा जनरल बजट

बजट द्वारा सरकार सम्पूर्ण वर्ष के आय और व्‍यय का लेखा-जोखा बनती है । यह बजट फरवरी माह के अंतिम वर्किंग डे पर देश के वित्‍त मंत्री द्वरा संसद में पेश किया जाता हैं हाल ही में वित्‍त वर्ष 2018-19 हेतु आम बजट 1 फरवरी को वित्‍त मंत्री अरुण जेटली द्वारा पेश किया जाएगा ,इसके बारें में आपको इस पेज पर विस्तार से बता रहे है |


बजट अपडेट : 01 febraury 2018

·         बजट में इस बार शिक्षा में सुधार के लिए अगले 4 साल में 1 लाख करोड़ रुपये होंगे खर्च किये जायेंगे
·   जेटली ने बताया कि ऐसे क्षेत्र जहां आदिवासियों की आबादी 50 प्रतिशत से ज्यादा होगी वहां आदिवासियों के लिए आवासीय एकलव्य स्कूलों की स्थापना की जाएगी। ये स्कूल नवोदय की तर्ज पर आवासीय विद्यालय होंगे।
·         13 लाख से ज्यादा शिक्षकों को ट्रेनिंग दिए जाने का लक्ष्य है। 
·         3794 करोड़ रुपये से मध्यम, लघु एवं सूक्ष्य उद्योगों का होगा विकास
·         जनजातियों के विकास के लिए 32,000 करोड़ रुपये की राशि का होगा आवंटन।
·         देश के किसानों की आमदनी बढ़ाकर साल 2022 तक दोगुना करने का लक्ष्य
·       बाजार के दाम अगर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम हो तो सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि किसानों को बाकी पैसे किसानों को दिए जाएं।
·    टमाटर, आलू, प्याज का इस्तेमाल मौसम के आधार पर होता है, सालभर। ऑपरेश ग्रीन लॉन्च की जाएगी, ऑपरेशन फ्लड की तौर पर। 500 करोड़ रुपये इसके लिए रखे जाएंगे
·         मछली पालन और पशुपालन के लिए 10 हजार करोड़ रुपये रखे जा रहे हैं। 
·         किसान कृषि लोन की सुविधा से वंचित रह जाते हैं, ये बंटाईदार होते हैं, जिनको बाजार से कर्ज लेना पड़ता है। नीति आयोग ऐसी व्यवस्था बना रहा है कि ऐसे किसानों को कर्ज लेने में सुविधा मिले। 
·         सांसदों का वेतन तय करने के लिए नया कानून। हर 5 साल में होगी सांसदों के वेतन की समीक्षा।
·         गरीबों को मुफ्त में मिलेगी डायलिसिस की सुविधा।
·         क्रिप्टोकरंसीज के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए उठाएंगे कदम। पेमेंट सिस्टम्स में होगा ब्लॉकचेन टेक्नॉलजी का यूज।
·         डिजिटल इंडिया प्रोग्राम के लिए 3037 करोड़ रुपये की राशि का आवंटन
·         टेक्सटाइल सेक्टर के लिए 7,148 करोड़ रुपये का आवंटन।
·         राष्ट्रपति को 5 लाख, उपराष्ट्रपति को 4 लाख और राज्यपाल को मिलेगी 3 लाख रुपये की सैलरी
·         70 लाख नए रोजगार देने का सरकार का लक्ष्य।
·         हवाई यात्रा को सरल और सुगम बनाने के लिए एयरपोर्ट्स की संख्या को 5 गुना किया जाएगा।
·       AMRUT प्रोग्राम के तहत 500 शहरों में पेयजल की व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी। 19,428 करोड़ रुपये होंगे खर्च।
·         रेलवे के लिए 1 लाख 48 हजार करोड़ रुपये का आवंटन।
·         बजट 2018: अगले दो साल में सरकार बनाएगी 2 करोड़ शौचालय
·         50 लाख युवाओं को नौकरी के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।
·         मुद्रा योजना से 10.38 करोड़ लोगों को होगा फायदा।
·         स्वच्छ भारत मिशन के तहत गरीब परिवारों के लिए 2 करोड़ नए शौचालय बनाने का लक्ष्य।
·         हर साल 1 हजार बी.टेक स्टूडेंट्स को मिलेगी छात्रवृत्ति।


वित्‍त वर्ष 2018-19 हेतु पेश होगा बजट
वित्‍त वर्ष 2018-19 का आम बजट 1 फरवरी को पेश होने वाला है । संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार के अनुसार , बजट सत्र दो चरणों में पूरा किया जायेगा | बजट सत्र के पहले चरण की शुरुआत 29 जनवरी से प्रारंभ होकर 9 फरवरी तक चलेगा और दूसरा  चरण 5 मार्च से प्रारंभ होकर 6 अप्रैल को समाप्त होगा | उम्मीद है कि ,इस वर्ष बजट में ग्रामीण और किसानों का विशेष ध्‍यान रखा जा सकता है,क्योकि वर्ष 2019 में लोकसभा के चुनाव होने हैं, जिसके पश्चात नई सरकार के गठन के बाद ही बजट पेश किया जा सकेगा । 

ब्रिटिश काल से चली आ रही परंपरा को तोड़ते हुए केंद्र सरकार इस वित्त वर्ष का बजट फरवरी को पेश किया जायेगा जबकि इससे पूर्व बजट फरवरी महीने के अंत में पेश किया जाता था । पिछले रेलवे बजट को आम बजट में सम्मिलित किया गया था ।

खास है इस साल का बजट
इस वर्ष का बजट काफी अहम् है ,क्योंकि जी.एस.टी. लागू होने के पश्चात यह देश का पहला बजट होगा । इससे पूर्व में लोगो को   नए इनकम टैक्स के बारे में जाननें हेतु बजट का इंतजार रहता था ,क्योकि इससे नए आने वाले वित्त वर्ष में अपनी कमाई पर कितना कर देना पड़ेगा । इसके अतिरिक्त लोगों की बजट को लेकर उत्सुकता रहती थीं ,कि कौन सी वस्तुओ के मूल्य में कमी होगी और किन वस्तुओ के मूल्य में वृद्दि होंगी

बजट से कई उम्मीदें
बजट के माध्यम से देश की आर्थिक स्थिति का लेखाजोखा बताया जाता है । सरकार इस समय स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया और कैशलेस इंडिया और देश में रोजगार उत्पन्न करने पर अधिक फोकस कर रही है । इन सभी योजनाओं के लिए बजट में धन का आवंटन किया जाता है । सरकार द्वारा यह बजट देश के प्रत्येक वर्ग को ध्यान में रखकर बजट बनाया गया है


आयकर और कॉरपोरेट टैक्स कम होने की संभावना
यह बजट इस सरकार का अंतिम बजट है ,क्योकि  अगले वर्ष आम चुनाव होने हैं । इस कारण यह संभावना है, कि आयकर और कार्पोरेट कर की दरों को कुछ कमी की जा सकती है ,और पेट्रोलियम पदार्थो के कर में बदलाव किया जा सकता है | ऐसा माना  जा रहा है ,कि इस प्रकार दरो में कमी करके  नौकरी-पेशा और व्यापारी वर्ग को खुश किया जा सकता है |

आय की अधिकतम सीमा
बजट में लोगो की अत्यधिक नजर आय की अधिकतम सीमा पर है  ,उम्मीद है कि आपको निराश नहीं होना पड़ेगा । अनुमान है कि, नए बजट में आय की अधिकतम सीमा 3 लाख रुपए सालाना की जा सकती है ,जबकि पिछले कई वर्षो से यह सीमा  2.5 लाख पर रुकी हुई है । हालांकि सरकार ने  टैक्स की दरें घटाकर काफी राहत दी थी ,जबकि उद्योग चेम्बरो ने बजट के पूर्वे चर्चा में आयकर का मुद्दा उठाया था ,जिसमे चेम्बर अधिकतर टैक्स दर 25 प्रतिशत करने के पक्ष में है | हालांकि कर की हानि अधिक होने के कारण यह निर्णय मुमकिन नहीं लग रहा है ,जबकि फिक्की की सिफारिश के अनुसार 20 लाख से अधिक आय पर 30 प्रतिशत टैक्स लगना चाहिए |


वर्तमान में टैक्स स्लैब
रुपये
कर
2.5 से 5 लाख तक
5 प्रतिशत
5 लाख से 10 लाख तक
20 प्रतिशत
10 लाख से अधिक पर
30 प्रतिशत

स्टैण्डर्ड डिडक्शन पुनः लागू होने की संभावना
वित्त मंत्रालय स्टैण्डर्ड डिडक्शन को पुनः लागू करने पर विचार कर रहा है | यह सुविधा वेतन प्राप्त करने वाले कर्मचारियों के लिए थी ,जिसे 2006-07 में समाप्त कर दिया गया था | यह सुविधा आयकर छूट के अतिरिक्त होती है ,जिसमें एक लाख रुपये तक डिडक्शन प्राप्त हो सकता है |

2018-19 का बजट भाषण
जी.एस.टी. लागू होने के पश्चात कस्टम ड्यूटी को छोड़कर शेष सभी सामानों और सेवाओं पर टैक्स की दरें निर्धारित करने की जिम्मेदारी जी.एस.टी. काउंसिल की है । पिछले वर्षों के बजट में केंद्रीय उत्पाद शुल्क की नई दरों का उल्लेख होता था, जो इस बार नहीं होगा ,क्योंकि अब यह भाग जी.एस.टी. में सम्मिलित हो चुका है । इस बार बजट में सीमाशुल्क को छोड़कर किसी टैक्स  पर कोई प्रस्ताव नहीं आएगा । इन सब कारणों से अगले बजट भाषण के दूसरे भाग में अप्रत्यक्ष करों का विवरण होता था, वह पिछले वर्षों की अपेक्षा काफी छोटा रहेगा


दोनों सदनों का संयुक्त सत्र 30 जनवरी को
संसद के लोकसभा व राज्यसभा के संयुक्त सत्र में राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद के भाषण से 30 जनवरी को प्रारंभ होगा । सरकारी सूत्रों के अनुसार, 31 जनवरी को आर्थिक सर्वेक्षण लोकसभा के पटल पर रखे जाएंगे और उसके अगले दिन अर्थात 1 फरवरी 2018 को यूनियन बजट पेश किया जाएगा ।

25 जनवरी, 2018 तक मांगे जा सकते हैं अनुदान
15 नवंबर तक जी प्राप्तियां और राजस्व प्राप्तियां के अनुमान भेजे जाने थे । बजट निर्माण के लिए जी पी डी एस्टीमेट डाटा सरकार को 6 जनवरी, 2018 तक मिलने की संभावना है । इस जी पी डी एस्टीमेट में कुल राजस्व और व्यय दोनों प्रकार के कार्यो का संशोधित अनुमान होता है । 25 जनवरी, 2018 तक अंतिम रूप से विभागों के लिए अनुदान की मांग भेजी जा सकती है


उद्योग जगत से मांगे कर संबंधी सुझाव
सरकार द्वारा सूचना के माध्यम से आम बजट 2018-19 के अंतर्गत सभी व्यापारियों और उद्योग संगठनों से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष करों के संबंध में सुझाव की मांग की थी । इसमें किसी भी वस्तु पर टैक्स की दरों की विसंगतियों के अलावा कर की दरों में बदलाव, कर संरचना में बदलाव और कर आधार बढ़ाने के संबंध में सुझाव आमंत्रित किए गए थे ।सुझाव के संबंध में तर्क और जरूरी कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा गया ।

मित्रों,यहाँ आपको हमनें वर्ष 2018-19 में 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट के बारे में बताया | यदि इससे सम्बंधित आपके मन में कोई प्रश्न आ रहा है तो कमेंट बाक्स के माध्यम से व्यक्त कर सकते है | हमें आपके द्वारा की गई प्रतिक्रिया का इंतजार है |

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