महान वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग के बारे में कुछ रोचक तथ्य - Sarkari Naukri Career

Saturday, March 17, 2018

महान वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग के बारे में कुछ रोचक तथ्य

महान वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग के बारे में कुछ रोचक तथ्य
बिग बैंग और ब्लैक होल के सिद्धांत को समझाने वाले महान वैज्ञानिक स्‍टीफन हॉकिंग का जन्म जन्म 8 जनवरी 1942 को इंग्लैंड में हुआ था, इनके पिता एक डाक्टर और माँ हाउस वाईफ थी, वह एक ऐसे इंसान थे, जो विकलांग होने के बावजूद अपने आत्मविश्वास के बल पर स्वयं को विश्व का सबसे अनूठा वैज्ञानिक बनाया, स्‍टीफन हॉकिंग विश्व के लिए एक मिसाल और प्रेरणा थे | 

स्टीफन हॉकिंग मोटर न्यूरोन नामक एक लाइलाज बिमारी से ग्रसित थे, जिसके कारण उनके शारीर का एक भी अंग कार्य नहीं करता था, हाल ही में 76 वर्ष की आयु में लंदन के कैंब्रिज में स्थित घर पर उनका निधन हो गया, इनके बारें में आपको इस पेज पर विस्तार से बता रहें है |


स्टीफन हॉकिंग के बारे में कुछ रोचक तथ्य
1.स्‍टीफन हॉकिंग का जन्म 8 जनवरी 1942 को इंग्लैंड में हुआ था ।

2.हॉकिंग बचपन से ही तेज दिमाग के थे, जिसके कारण लोग इन्हें आइंस्टीन कहा करते थे ।

3.हॉकिंग ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से गणित की डिग्री प्राप्त करना चाहते थे, परन्तु उस समय ऑक्सफोर्ड में गणित की डिग्री नहीं दी जाती थी, इसलिए हॉकिंग ने ऑक्सफोर्ड से फिजिक्स और केमिस्ट्री में डिग्री प्राप्त की थी ।
4.हॉकिंग अपने जीवन में 12 डिग्रियां प्राप्त कर चुके हैं ।

5.स्‍टीफन हॉकिंग बचपन में एक स्वस्थ व्यक्ति थे, लेकिन 21 वर्ष की उम्र में एक दिन जब वो अपने घर छुट्टियां मानाने आये हुए थे, तब उन्हें सीढ़ियों से उतरते हुए बेहोशी का अहसास हुआ, डॉक्टर ने इसका कारण कमजोरी बताया, लेकिन यह समस्या समय के साथ साथ बढ़ती गई| 

जब बाद में एक बड़े डॉक्टर को दिखाया तो जाँच में सामने आया की हॉकिंग मोटर न्यूरोन नामक एक लाइलाज बिमारी से ग्रसित हैं, जिसमे रोगी के शरीर के सभी अंग धीरे धीरे काम करना बंद कर देते हैं, और अंत में श्वास नली बंद हो जाने के कारण उसकी मृत्यु हो जाती है ।


6.डॉक्टर ने कह दिया था, कि  हॉकिंग का जीवन अब 2 साल से अधिक नहीं है, लेकिन उन्होंने कहा कि वह  2 नहीं बल्कि पूरे 50 वर्ष तक जीवित रहेंगे और ऐसा ही हुआ, हॉकिंग ने 50 ही नहीं बल्कि 75 की उम्र पूरी की ।
7.हॉकिंग का दिमाग काफी तेज था और इनके दिमाग का IQ लेवल 160 था ।

8.अपनी बिमारी के चलते हॉकिंग व्‍हील चेयर पर आश्रित हो गए थे, लेकिन इनकी व्‍हील चेयर कोई आम व्‍हील चेयर नहीं थी बल्कि हाई टेक्नोलॉजी से लैस थी, जिसमे एक ख़ास तरह का कम्प्यूटर और स्पीच सिंथेसाइजर लगा था, यह व्‍हील चेयर बिना बोले ही हॉकिंग की बात समझने में सक्षम थी, और दुनिया को बता देती थी ।

9.स्‍टीफन हॉकिंग को पढ़ने लिखने में काफी दिलचस्पी थी। हॉकिंग ने अ ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ टाइम, द ग्रैंड डिजाइन, यूनिवर्स इन नटशेल, माई ब्रीफ हिस्ट्री और द थ्योरी ऑफ एवरीथिंग जैसी कई प्रसिद्द किताबें लिखी।


10.हॉकिंग ने दुनिया को ब्लैक होल, बिग बैंग थ्योरी, हॉकिंग रेडिएशन, पेनरोज हॉकिंग थियोरम्स, बेकेस्टीन-हॉकिंग फॉर्मूला जैसे कई बड़े सिद्धांत समझाए ।

11.स्टीफन हॉकिंग के शरीर का कोई अंग काम नहीं करता था, लेकिन उनका दिमाग एकदम स्वस्थ और तेज था, जिसके कारण  इन्होने विज्ञान की दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बनाई |

12.स्टीफन हॉकिंग को उनके बेहतरीन कार्य  के लिए सबसे उच्च नागरिक के सम्मान के साथ- साथ 1979 में अलबर्ट आइंस्टाइन मेडल, 1982 में द ऑर्डर ऑफ द ब्रिटिश एम्पायर (कमांडर) और 1988 में भौतिक विज्ञान में वॉल्फ प्राइज से  सम्मानित किया गया था ।

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