Thursday, April 19, 2018

चाय वाले का बेटा टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च में हुआ सेलेक्ट - पढ़े प्रेरणादायक स्टोरी

चाय वाले का बेटा टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च में हुआ सेलेक्ट - पढ़े प्रेरणादायक स्टोरी

टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ़ फंडामेंटल रिसर्च (टीआईएफआर) के बेंगलुरु कैंपस में एप्लीकेबल मैथमैटिक्स के लिए इंटीग्रेटेड पोस्ट-ग्रेजुएट और पीएचडी प्रोग्राम के लिए 2018 की प्रवेश परीक्षा के माध्यम से  देश से चयनित हुए बीस छात्रों में से एक नाम रवि शंकर जयसवाल का है, रविशंकर एक निर्धन परिवार से सम्बन्ध रखते है, हिंदी मीडियम से अपनी प्राथमिक पढ़ाई करने वाले  इस छात्र का अथक परिश्रम के बाद टीआईएफआर में सलेक्‍शन हुआ है, इनके बारें में आपको इस पेज पर विस्तार से बता रहें है |


रविशंकर के बारें में सामान्य जानकारी
रविशंकर के पिता जी का नाम नरेन्द्र जायसवाल है, जिन्होंने बहराइच शहर के इलाहाबाद बैंक के पास चाय की दुकान है,  नरेंद्र के पास एक बेटा रविशंकर और 2 बेटियां प्रीति और निशा हैं । नरेंद्र के अनुसार, इसी दुकान से परिवार का भरण पोषण होता है,  बड़ा बेटा रविशंकर किसान पीजी कॉलेज में विज्ञान वर्ग में स्नातक का छात्र है, रविशंकर नें  कॉलेज के गणित विभागाध्यक्ष डॉ विनय सक्सेना के निर्देशन में बैंगलोर स्थित टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च में इंटीग्रेटेड पीएचडी के लिए आवदेन किया था । इस परीक्षा में ऑल इंडिया स्तर पर 20 छात्रों का चयन हुआ है,  जिसमें अधिकांशतः छात्र आईएसआई कलकत्ता, सेंट जेवियर, राम कृष्ण मिशन विद्या मंदिर, प्रेसीडेंसी विश्विद्यालय से है,  लेकिन राजधानी से सटे बहराइच जैसे छोटे शहर से सीमित संसाधनों में रविशंकर जायसवाल ने गणित विषय में परीक्षा पास कर अपनी मेधा का परिचय दिया है ।


हिंदी माध्यम एक मात्र छात्र
ऑल इंडिया स्तर पर हुई इस परीक्षा में 20 सफल छात्रों में हिंदी माध्यम से रविशंकर देश का इकलौता छात्र है, जिन्होनें यह परीक्षा गणित विषय में उत्तीर्ण की है, रविशंकर लखनऊ के समीप बहराइच क्षेत्र के निवासी हैं, जिनको इस समय स्वयं सेवी संस्थाएं सम्मानित कर रही हैं ।

विशंकर बचपन से ही है मेधावान 
रविशंकर बचपन से ही मेधावान छात्र रहें है, उन्होंने वर्ष 2012 में मांटेसरी हायर सेकेंडरी स्कूल से यूपी बोर्ड में 82 प्रतिशत, वर्ष 2015 में इंटरमीडिएट में रवि शंकर नें 75 अंक प्राप्त किये थे,  तथा स्नातक प्रथम वर्ष व द्वित्तीय वर्ष में भी रविशंकर ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर 67 प्रतिशत अंक प्राप्त किये है |


पिता चाहते है पढ़कर आगे बढ़ें 
नरेंद्र जायसवाल कहते हैं, कि आर्थिक तंगी के कारण जल्द ही परिवार की जिम्मेदारियां आ गयी, इसलिए ज्यादा नहीं पढ़ पाया था,  लेकिन बेटों व बेटियों को पढानें में कोई कमीं नहीं छोडूंगा, रवि के पिता भी अपने स्कूल के दिनों में मैथ्स में अच्छे थे, पर आर्थिक तंगी के कारण पढाई नहीं कर सके, बेटे नें  बैंगलोर के किसी कॉलेज की परीक्षा पास की है, लेकिन क्या करेगा, मुझे नहीं पता, वह बताता है कि पीएचडी करूंगा |

आईआईटी में पढ़ाना चाहते हैं रविशंकर
रविशंकर नें बताया, कि वह पीएचडी करने के पश्चात,  आईआईटी या समक्षक संस्थान में गणित विषय का अध्यापन व रिसर्च करना चाहते है, इसके पूर्व रविशंकर नें  इसी वर्ष आईआईटी जैम में आल इंडिया 33वीं रैंक प्राप्त की थी ।


यहाँ आपको हमनें टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च में चयनित हुए छात्र रविशंकर के बारें में बताया | यदि इससे सम्बंधित आपके मन में कोई प्रश्न आ रहा है, तो कमेंट बाक्स के माध्यम से व्यक्त कर सकते है | हमें आपके द्वारा की गई प्रतिक्रिया का इंतजार है |

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