Thursday, July 19, 2018

अविश्वास प्रस्ताव क्या है : पूरी जानकारी यहाँ जानें


अविश्वास प्रस्ताव क्या है 
हमारे देश के संविधान में अविश्वास प्रस्ताव का प्रावधान किया गया है, इसके अंतर्गत जब सरकार अपना उत्तरदायित्व का पालन पूर्ण रूप से नहीं कर पाती तो, विपक्षी दल के द्वारा इस प्रस्ताव को पेश किया जाता है, इस प्रस्ताव पर यदि लोकसभा अध्यक्ष की स्वीकृति प्राप्त हो जाती है, तो इस प्रस्ताव पर संसद में चर्चा की जाती है, चर्चा होने के उपरांत इस पर मतदान किया जाता है, यदि मतदान का निर्णय सरकार के विपक्ष में आता है, तो सरकार को अपने मंत्रिमंडल के साथ त्यागपत्र देना होता है और यदि निर्णय सरकार के पक्ष में आता है, तो यह प्रस्ताव अगले छ: महीने के बाद ही लाया जा सकता है, अथार्त सरकार अगले छ: महीने के तक पूर्ण रूप में सुरक्षित हो जाती है, अविश्वास प्रस्ताव क्या है ? इसके बारें में आपको इस पेज पर विस्तार से बता रहें है |

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अविश्वास प्रस्ताव के बारे में 
जब विपक्षी दल सरकार के कार्य से संतुष्ट नहीं होती है, तो विपक्षी दल सरकार को अपने पद से हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव लाया जाता है, इस प्रस्ताव के अंतर्गत चर्चा और मतदान होता है, सरकार का भविष्य मतदान के निर्णय पर आधारित होता है, यदि यह प्रस्ताव बहुमत से पास हो जाता है, तो सरकार को त्यागपत्र देना होता है, इसके बाद यदि विपक्षी दल संसद में सरकार बनाने का बहुमत प्राप्त कर लेते है, तो विपक्षी दल को राष्ट्रपति द्वारा सरकार बनाने का अवसर प्रदान किया जाता है, यदि विपक्ष बहुमत प्राप्त नहीं कर पाता है, तो निर्वाचन आयोग के द्वारा पुनः आम चुनाव संपन्न कराये जाते है, चुनाव में जिस दल को बहुमत प्राप्त होता है, राष्ट्रपति उस दल को सरकार बनाने का अवसर प्रदान करते है, इस प्रस्ताव को सञ्चालन नियमवाली के नियम 198 के अंतर्गत लाया जाता है, इसको केवल लोकसभा में ही पेश किया जा सकता है |


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प्रस्ताव प्रक्रिया
विपक्षी दल के प्रस्ताव पेश करने के बाद लोकसभा अध्यक्ष इसकी स्वीकृति प्रदान करने के बाद इस पर चर्चा और मतदान करने की तिथि का निर्धारण करते है, प्रस्ताव पेश होने के बाद इस पर चर्चा 10 दिनों के अदंर होना अनिवार्य है, निर्धारित तिथि को संसद में इस पर विस्तार से चर्चा की जाती है और प्रधानमंत्री के द्वारा मतदान से पहले संसद को सम्बोधित किया जाता है, जिसके पश्चात मतदान की प्रक्रिया संपन्न कराई जाती है, इस मतदान में केवल निर्वाचित सदस्य ही भाग ले सकते है, मतदान का निर्णय यदि सरकार के पक्ष में आता है, तो सरकार अगले छ: महीने के लिए पूर्ण रूप से सुरक्षित हो जाती और यदि विपक्ष में आता है, तो सरकार को अपने मंत्रिमंडल के साथ त्यागपत्र देना होता है, एक बार प्रस्ताव गिर जाने के बाद इसे अगले छ: महीने के बाद ही लाया जा सकता है, इस प्रस्ताव को विपक्ष के 50 सदस्यों द्वारा पेश करना अनिवार्य है |

यहाँ पर हमनें आपको अविश्वास प्रस्ताव क्या के विषय में बताया, यदि इस जानकारी से सम्बन्धित आपके मन में किसी प्रकार का प्रश्न आ रहा है, अथवा इससे सम्बंधित अन्य कोई जानकारी प्राप्त करना चाहते है, तो कमेंट बाक्स के माध्यम से पूँछ सकते है,  हम आपके द्वारा की गयी प्रतिक्रिया और सुझावों का इंतजार कर रहे है |

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