Thursday, August 30, 2018

बिम्सटेक सम्मलेन क्या है - जाने पूरी जानकारी


बिम्सटेक सम्मलेन क्या है 

बिम्सटेक एक क्षेत्रीय संगठन है, इसे Bay of Bengal Initiative for Multi-sectoral Technical and Economic Cooperation (BIMSTEC) कहा जाता है | इसकी स्थापना 6 जून 1997 को बैंकाक घोषणा के द्वारा की गई थी | शुरुआत में यह चार देशों भारत, श्रीलंका, बांग्लादेश और थाईलैंड (BIMST-EC) के आर्थिक सहयोग पर आधारित संगठन था | इसका मुख्य उद्देश्य बंगाल की खाड़ी के किनारे स्थित दक्षिण एशियाई और दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के बीच तकनीकी और आर्थिक सहयोग प्रदान करना है | इस पेज पर बिम्सटेक सम्मलेन के विषय में जानकारी प्रदान की जा रही है |



मुख्यालय
इसका मुख्यालय ढाका, बांग्लादेश में स्थित है |

सदस्य देश
बिम्सटेक में बांग्लादेश, भारत, म्यामांर, श्रीलंका, थाईलैंड, भूटान और नेपाल समेत कुल 7 देश सम्मिलित है |

उद्देश्य
बंगाल की खाड़ी के किनारे स्थित दक्षिण एशियाई और दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के बीच तकनीकी और आर्थिक सहयोग प्रदान करना है | यह एक सहयोगात्मक संगठन है, जो विश्व की 22% आबादी का जन प्रतिनिधित्व करता है, यह सात देशों के लगभग 1.5 अरब लोगों की आबादी को दर्शाता हैं | इसको प्रारम्भ में छः क्षेत्रों व्यापार, ऊर्जा, पर्यटन, मत्स्य पालन, परिवहन और प्रौद्योगिकी में सहयोग प्रदान करने के लिए इसका निर्माण किया गया था, परन्तु बाद में इसमें कृषि, गरीबी उन्मूलन, आतंकवाद, संस्कृति, जनसंपर्क, सार्वजनिक स्वास्थ्य, पर्यावरण और जलवायु-परिवर्तन को भी इसमें सम्मिलित कर दिया गया |


बिम्सटेक का भारत के लिए महत्व

1.भारत बिम्सटेक को सार्क से अधिक महत्व देता है, क्योंकि सार्क में पाकिस्तान की भूमिका सदैव भारत के विपरीत रहता है |

2.बिम्सटेक में भारत की सक्रिय भागीदारी से भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है |

3.भारत इस संगठन के सदस्यों से अच्छे सम्बन्ध स्थापित करके अपने पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास को गति प्रदान कर सकता है |

4.इस संगठन के सहयोग से भारत-म्यांमार के मध्य कलादान मल्टीमॉडल परिवहन परियोजना और भारत-म्यांमार-थाईलैंड (IMT) राजमार्ग परियोजना के विकास में भी सहयोग प्राप्त किया जा सकता है |

5.बिम्सटेक दक्षिण एशिया और दक्षिण पूर्वी देशों के मध्य एक सेतु का कार्य करता है |

6.इस संगठन में दो देश दक्षिणपूर्वी एशिया के सम्मिलित हैं | थाईलैंड और म्यांमार भारत को दक्षिण पूर्वी क्षेत्रों से जोड़ने में अहम भूमिका निभाते है, जो भारत के व्यापार को गति प्रदान करते है |

बिम्सटेक संगठन के सामने प्रमुख समस्याएं
इस संगठन में अभी तक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के लिए सदस्य देशों के मध्य सहमति नहीं बन पाई है, जिससे व्यापारिक गतिविधियां बहुत धीमे कार्य कर रही है |

संगठन के सदस्य देशों में शरणार्थियों को लेकर समस्याए उत्पन्न हो रही है, जिससे राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक संतुलन बिगड़ रहा है |

वर्तमान समय में संगठन की बैठकें अथवा शिखर सम्मेलन नियमित आयोजित नहीं हो पाते है, जिससे सदस्य देशों की संगठन के उद्देश्यों के प्रति रुचि कम हो जाती है |


बिम्सटेक से भारत का विकास
1.सार्क संगठन के बिना भी भारत दक्षिण एशियाई देशों के बीच अपने सम्बन्ध अच्छे कर रहा है, जो भारत के विकास में सहायक है | वर्तमान समय में बिम्सेटक इस क्षेत्र में एक प्रमुख संगठन बन गया है |

2.भारत ''ब्रांड बिम्सटेक'' को स्थापित करने हेतु व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रदर्शनी के साथ-साथ सदस्य देशों की कंपनियों के लिए स्टार्ट अप प्रोग्राम के अंतर्गत अलग से एक सेमिनार आयोजित करना चाहता है |

यहाँ आपको हमनें बिम्सटेक सम्मलेन के बारें में जानकारी दी है, यदि आपके मन में इससे सम्बंधित कोई प्रश्न आ रहा है, तो आप हमसे कमेंट बाक्स के माध्यम से पूछ सकते है | हमें आपके द्वारा की गयी प्रतिक्रिया का इंतजार है |

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