Friday, 19 February 2016

कैसे बने Doctor - कहा से करे शुरुआत!!!


कैसे बने Doctor - कहा से करे शुरुआत!!!
दोस्तों, बहुत से युवाओं का तथा हमारें अभिभावक भी बचपन से डॉक्टर बनने का सपना दिखाते आते है | इसलिए कुछ स्टूडेंट्स का तो बचपन से उद्देश्य बन जाता है कि उन्हें डॉक्टर के फील्ड में ही भविष्य बनाना है | 

इसका युवाओं में ज्यादा अधिक क्रेज दिखाई पड़ता है | यह ऐसा क्षेत्र होता है जिसके द्वारा हम समाजसेवा भी आसानी से कर सकते है |
यदि आपने भी सोच लिया है कि सीबीएसई की एआईपीएमटी परीक्षा के माध्यम से या फिर एमबीबीएस का कोर्स करके डॉक्टर बनना हैं, तो फिर आपको इस आर्टिकल के माध्यम से जरूर इस परीक्षा में कामयाब होने में मदद प्राप्त होगी |


डॉक्टर बनने की शुरुआत कहा से करें-

मेडिकल में प्रवेश के लिए एंट्रेंस एग्जाम-

एलोपैथिक चिकित्सा में एमबीबीएस में प्रवेश पाने हेतु अखिल भारतीय स्तर और राज्य स्तर पर कई प्रकार की परीक्षाएं करायी जाती हैं। आल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज अर्थात एम्स जैसे बड़े और विख्यात संस्थान सीधे प्रवेश परीक्षाओं का आयोजन करते हैं । वैसे, अखिल भारतीय स्तर पर सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन यानी सीबीएसई के द्वारा प्रत्येक वर्ष आयोजित की जाने वाली एआईपीएमटी अर्थात आल इंडिया प्री-मेडिकल, प्री-डेंटल टेस्ट भी सबसे प्रमुख परीक्षाओं में से मुख्य परीक्षा है | 

इसके अंतर्गत फिजिक्स, केमिस्ट्री तथा बॉयोलॉजी विषयों से बारहवीं उत्तीर्ण युवा सम्मिलित किये जाते है। जो स्टूडेंट्स इस वर्ष बारहवीं की परीक्षा में सम्मिलित हो रहे हैं, वो भी इस परीक्षा में भाग ले सकते हैं , परन्तु एंट्रेंस पास करने के बाद एमबीबीएस में अंतिम रूप से प्रवेश तभी पा सकते है  जब आप इंटरमीडिएट उत्तीर्ण कर लेंगे।

एआईपीएमटी के अलावा कुछ अन्य मेडिकल एंट्रेंस आयोजित कराने वाले प्रमुख संस्थान कुछ इस तरह हैं -

आल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज |

उत्तर प्रदेश कम्बाइंड प्री-मेडिकल टेस्ट (सीपीएमटी) |

गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी-दिल्ली |

वर्धा मेडिकल कॉलेज-वर्धा, आम्र्ड फोर्स-पुणे। 


एआईपीएमटी परीक्षा-

सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) द्वारा आयोजित करायी जाने वाली एआईपीएमटी की प्रारंभिक या स्क्रीनिंग परीक्षा अधिकतम अप्रैल माह में होती है। इस परीक्षा को उत्तीर्ण करने वाले स्टूडेंट्स ही फाइनल परीक्षा में भाग लें सकते हैं। इस परीक्षा के बाद प्राप्त रैंकिंग के अनुसार अभ्यर्थियों को काउंसिलिंग के लिए बुलाया जाता है और फिर उन्हें उनकी रैंकिंग के अनुसार कॉलेज अलॉट होते हैं। इस परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए अभ्यर्थी को कम से कम 50 प्रतिशत अंकों के साथ बारहवीं उत्तीर्ण होना आवश्यक होता है ।

इसके अतरिक्त, उसे अंग्रेजी का भी ज्ञान होना चाहिए। इस परीक्षा में शामिल हो रहे स्टूडेंट्स की अधिकतम उम्र 25 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम उम्र सीमा में पांच साल की छूट देने का भी प्रावधान बनाया गया है । परन्तु किसी भी वर्ग से संबंधित अभ्यर्थी एआईपीएमटी में केवल तीन बार ही सम्मिलित किये जा सकते हैं ।


प्रवेश परीक्षा का प्रारूप-

एआईपीएमटी के प्रीलिमिनरी एग्जामिनेशन में ऑब्जेक्टिव टाइप के लगभग 100 प्रश्न परीक्षा में दिए जाते हैं। यह परीक्षा तीन घंटे की होती है और इसके अंतर्गत फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के विषयों पर ही आधारित प्रश्न पूछे जाएंगे। यह एक प्रकार से स्क्रीनिंग परीक्षा होती है, इसका मुख्य उद्देश्य बहुत भारी मात्रा में शामिल हुए अभ्यर्थियों में से प्रतिभाशाली स्टूडेंट्स को चुनने के लिए होती है। 

इस परीक्षा उत्तीर्ण मेरिट में स्थान बनाने वाले अभ्यर्थियों को फाइनल परीक्षा में शामिल होने का मौका दिया जाता है। फाइनल परीक्षा में दो-दो घंटे के दो प्रश्नपत्र देने होते हैं। पहले पेपर में फिजिक्स एवं केमिस्ट्री विषयों पर आधारित परीक्षा होती हैं, तथा दूसरे पेपर में बायोलॉजी (जूलॉजी एवं बॉटनी से भी) विषय पर आधारित परीक्षा में प्रश्न पूछे जाते हैं।

फंडामेंटल्स रखें क्लियर-


चूंकि एआईपीएमटी का एग्जाम दसवीं और बारहवीं के पाठ्यक्रम पर ही आधरित होते हैं, इसलिए जिन स्टूडेंट्स ने अपने पाठ्यक्रम को अच्छी तरह से कवर किया होता है , उनके लिए इस परीक्षा कोई कठिनाई नहीं होती है। बारहवीं के तीनों विषयों के फंडामेंटल्स को पूर्ण रूप से तैयार करें और उनके एप्लीकेशंस पर फोकस करें |

सैंपल पेपर व अनसॉल्व्ड की लें मदद -

इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा समाप्त होते ही एआईपीएमटी के पिछले वर्षों के प्रश्नों का गंभीरता से हल करना प्रारम्भ करें और उनके प्रारूप को समझने का प्रयास करें। इससे आपकी तैयारी को सही दिशा प्रदान होगी। इसके अतरिक्त , जितना हो सकें सैंपल पेपर को भी निर्धारित समय में हल करने का प्रयास लगातार करते रहें। उसके आधार पर अपना मूल्यांकन करें और कमजोरियों को पहचान कर उन्हें दूर करने के प्रयास में लग जाये। जरूरत महसूस होने पर किसी अच्छे कोचिंग संस्थान से भी मार्गदर्शन लेना आपके लिए लाभदायक हो सकता है । इससे आपको सही दिशा में तैयारी करने में सहायता प्राप्त होगी।

दोस्तों, इस तरह से हम अपने डॉक्टर बनने की ख्वाहिश को पूरी करने की दिशा में अग्रसर हो सकते है | इस आर्टिकल की मदद से अब आपको ज्ञात हो गया होगा कि डॉक्टर बनने के लिए तैयारी कहा से प्रारम्भ करनी चाहिए , और किस तरह से डॉक्टर बनने के लिए हमें किन बातों को ध्यान में रखना चाहिए | इस तरह के तमाम सवालों के जवाब आपको इस आर्टिकल के द्वारा प्राप्त होंगे |


यदि अभी भी आपके मन में कोई विचार या समस्या आ रही है तो आप कमेंट बॉक्स की सहायता से जरूर पूछें और अपनी प्रतिक्रिया दें | आपके द्वारा की गई प्रतिक्रिया की हम प्रतीक्षा कर रहें है | यदि आपको यह आर्टिकल पसंद आया तो हमारें फेसबुक पेज को जरूर LIKE करें |





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1 comment:

  1. Hello sir log kahte hai ager Dehli se 11th 12th in medical Ki jaye to jayda acha hai kya difference k
    Hai dusri states Mai aur Dehli pass out students Mai please help me

    ReplyDelete

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