Thursday, January 3, 2019

कैसे बना गांव का लड़का वेटर से IAS अधिकारी हिंदी स्टोरी

गांव का लड़का वेटर से IAS अधिकारी 

जब सुख सुविधा से संपन्न व्यक्ति अपना जीवन विलासिता में व्यतीत में कर रहे होते उस समय सुख सुविधाओं से वंचित परिवार के छात्र या छात्रा अपने जीवन से संघर्ष करते हुए अपनी पूरी क्षमता के साथ अध्ययन कर रहे होते है | जिससे वह सफलता के उच्च शिखर को प्राप्त कर सके | प्रत्येक सफल व्यक्ति के पीछे संघर्ष की एक कहानी अवश्य होती है, जिससे प्रेरित होकर अन्य छात्र को मनोबल प्राप्त होता है | आज इस पेज पर गावं के साधारण से लड़के के विषय में बात करेंगे जो कि एक वेटर से लेकर आईएएस के पद तक सफर तय कर चुका है |




कौन है वह लड़का (Who is that boy)?
हमारे मन में यह प्रश्न अवश्य आ रहा है, कि वह कौन है, तो चलिए बताते है, उनके विषय में, भारत के तमिलनाडु राज्य के वेल्लोर जिले के विनावमंगलम गांव में जयगणेश जी का जन्म हुआ था | इनके पिता जी एक लेदर फैक्टरी में सुपरवाइजर के पद पर कार्य करते थे जिनका वेतन 4,500 रूपये था | जयगणेश के परिवार में इनकी दो बहनें और एक भाई हैं |


शिक्षा (Education)
जयगणेश जी की प्रारंभिक शिक्षा गावं के सरकारी विद्यालय में हुई थी | इन्होंने 8वीं तक गांव के स्कूल में ही पढ़ाई की इसके पश्चात वह पास के कस्बे में पढ़ने जाने लगे | दसवीं के बाद इन्होंने पॉलिटेक्निक  कॉलेज में प्रवेश प्राप्त किया यहाँ पर इन्होंने 91 प्रतिशत अंक प्राप्त किये | इसके बाद इन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में प्रवेश प्राप्त किया तथा सफलतापूर्वक पूर्ण किया |


सिविल सेवा के प्रति रुझान (Trends for Civil Services)
इंजीनियरिंग की पढ़ाई तक यह सिविल सेवा के विषय में सही से नहीं जानते थे | इंजीनियरिंग पूरी करने के उपरांत यह नौकरी के लिए बेंगलुरु आ गए | यहाँ पर इन्होंने 2500 रुपए प्रतिमाह की नौकरी जॉइंट कर ली | यही पर इन्हें यह जानकारी हुई कि कलेक्टर का एक पद होता है, जिसके अंतर्गत एक निर्धारित जिला प्रदान किया जाता है, जो की अपने जिले में प्रशासनिक सेवाओं की निगरानी और विकास के लिए उत्तरदायी होता है |
जयगणेश जी आईएएस बनना चाहते थे, इसलिए इन्होंने नौकरी छोड़ दी तथा गांव वापस आ गए | नौकरी में इन्हें 6500 रूपये बोनस के रूप में प्राप्त हुए थे, जिनसे इन्होंने आईएएस की तैयारी के लिए पुस्तकें खरीद ली | गांव पहुंच कर अन्य पुस्तकों को वह डाक के माध्यम से चेन्नई से मगवातें थे |


आईएएस के लिए सरकारी कोचिंग (Government Coaching for IAS)
जयगणेश जी को चेन्नई में सरकारी कोचिंग के विषय में जानकारी प्राप्त हुई | कोचिंग में प्रवेश प्राप्त करने के लिए यह परीक्षा में सम्मिलित हुए, जिसमे इन्होंने अच्छे अंक प्राप्त किये इस प्रकार से इन्होंने कोचिंग में प्रवेश प्राप्त किया |


वेटर के रूप में कार्य (Work as a waiter)
कोचिंग के बाद वह चेन्नई में ही पढ़ाई करना चाहते थे, इसके लिए उन्हें एक नौकरी की आवश्यकता हुई, परन्तु उनको एक इंजीनियर के रूप में नौकरी नहीं प्राप्त हो सकी, तो इन्होंने ने सत्यम सिनेमा की कैंटीन में बिलिंग क्लर्क पद पर कार्य करना प्रारम्भ कर दिया यहां पर इंटरवल के समय वह एक वेटर के रूप में कार्य करते थे | जयगणेश जी यह बताते है, कि उन्होंने यह कभी नहीं सोचा की वह एक मैकेनिकल इंजीनियर होकर वह एक वेटर का कार्य कर रहे है | उन्होंने बताया की मेरा आईएएस का लक्ष्य निर्धारित था, उसके लिए वह किसी भी कार्य को करने के लिए तत्पर थे |


आईएएस के रूप में चयन (Selection as IAS)
जयगणेश जी ने आईएएस की छ: बार परीक्षा थी जिसमे वह असफल हो गए | छठी बार साक्षात्कार में यह उत्तीर्ण नहीं हो सके, परन्तु इन्होंने हार नहीं मानी और सातवीं और अंतिम प्रयास में इन्होंने साक्षात्कार में भी सफल घोषित किये गए इस प्रकार इन्होंने 7वीं बार में 156 वीं रैंक प्राप्त की | इस प्रकार से इन्होंने कड़े संघर्ष के पश्चात सफलता प्राप्त की |

प्रेरणा (Inspiration)
  • साधारण और श्रेष्ठ में सिर्फ इतना सा अंतर है की साधारण उसको चुनते है जो आसान है, लेकिन श्रेष्ठ उसे चुनता है जो मुश्किल है |
  • सफलता (Success) का मिलना तो तय है देखना तो यह है कि आप उसकी कितनी कीमत चुकाने को तैयार है |
  • आपका आने वाला कल कैसा होगा यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप आज अपने बारे में क्या सोचते है |
  • "जब आपका प्रदर्शन वैसा नहीं हो पाया जैसा कि आप उम्मीद करते थे तो धैर्य रखिए और हार मत मानिए।"
  • मुश्किल वक्त हमारे लिये आईनें की तरह होता है, जो हमारी क्षमताओं का सही आभास हमें कराता है |
  • "ज्ञान वो सबसे शक्तिशाली हथियार है जिससे आप पूरी दुनिया बदल सकते है।" नेल्सन मंडेला
  • "कोई भी,जिसने सीखना छोड़ दिया चाहे उसकी उम्र बीस साल हो या अस्सी साल,वो बूढा है। कोई भी जिसने ज्ञान प्राप्त करना जारी रखा हुआ है वो युवा है।" हेनरी फोर्ड
  • हमें सिर्फ अपनी संघर्ष (Struggle) करने की क्षमता बढ़ानी है, सफलता (Success) का मिलना तो तय है |
  • जिस काम में सफल होने की संभावना ज्यादा हो उसको करने पर हम सफल होते है, लेकिन जिस काम में असफलता की संभावना ज्यादा हो उसको करने पर हम श्रेष्ठ होते है |

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3 comments:

  1. me ias ka hausala hai lekin kycha na kucha adachan aa rahi muche batao kya kroo

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  2. kya ias hindi midian se ban sakate hai

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  3. Bikul ban sakte hai..Hindi medium se

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