Thursday, 14 April 2016

जानिये कौन है आनन्द कुमार - Founder of Super 30


जानिये कौन है आनन्द कुमार - Founder of Super 30
दोस्तों, आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को इंजीनियर बनाने का कार्य कर रही है ‘सुपर 30’ संस्थान
आईआईटी में पढ़ने की ख्वाहिश को सच बनाने वाली नि:शुल्क शिक्षा संस्थान है जिसमें 300 से ज्यादा छात्रों का भविष्य आंनद कुमार की मेहनत का परिणाम है "सुपर-30" की सफलता देश में अद्वितीय है जिसके विज्ञापन की आवश्यकता नहीं है उसके परिणाम और उसके रिकार्ड्स भारत में प्रसिद्ध है |

आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से आपको आनन्द कुमार के बारें में बताने जा रहे है जो कि Super 30 के Founder है | उन्होंने जो कम समय इतनी बड़ी उपलब्धियां हासिल कर चुके है जो स्वयं के द्वारा की गई मेहनत का परिणाम है | यदि आपने भी इंजीनियरिंग में भविष्य बनाने का लक्ष्य बना चुके है तो आपको यहाँ पर बताई गई जानकारी से आपको जरूर मदद प्राप्त होगी | आनन्द कुमार जी के बारें में जानकारी कुछ इस प्रकार है |



आओ जानते है आनन्द कुमार के बारें में कुछ मुख्य बातें-

कौन है आनंद कुमार-

आनंद कुमार जी बहुत साधारण मध्यवर्गीय परिवार संबधित थे । पिता पोस्टल विभाग में क्लर्क के पद पर थे। बच्चों को अंग्रेजी स्कूल में पढ़ाने का खर्च निकालना उनके लिए काफी कठिन था। इसलिए आनंद कुमार की शिक्षा हिंदी माध्यम के सरकारी स्कूल में हुई। आनंद कुमार की शिक्षा के प्रति उनके पिता जी बहुत जागरूक थे। आनंद भी ज्ञात था कि उन्हें मौजूदा सीमित साधनों से ही जितना अच्छा कर सकते है उन्हें उतने में ही करना होगा |


मैथ में रूचि-

आनंद कुमार ने बताया कि मेरा बचपन से ही लगाव मैथेमेटिक्स में था। मेरे अंदर इंजीनियर बनने की ख्वाहिश थी, साइंटिस्ट बनना चाहता था और बचपन में रेडियो, ट्रांजिस्टर सुधारने का प्रयास भी किया करता था। क्रिकेट या फिल्म देखने में मेरे अंदर कोई लगाव नहीं था। फिर कुछ लोगो ने सलाह दी यदि सही में साइंटिस्ट बनना चाहते हो तो साइंस को चुनो और मैथेमेटिक्स पढ़ो।

मैंने जब मैथ पढ़ना प्रारम्भ किया तो मुझे मजा आने लगा | उसके बाद पटना यूनिवर्सिटी के साइंस कॉलेज के देवीप्रसाद वर्मा का मुझे सापेक्ष प्राप्त हुआ। मैंने दो-तीन फॉर्मूले प्रस्तुत किए तो उन्होंने कहा कि इन्हे इंग्लैंड भेज दो और वहां पब्लिश करवाओ। मैंने इंग्लैंड भेजा और पेपर्स वहां पर पब्लिश हुए।


जीवन में कठिनाईयों का सामना-

दुनिया में हर तरह के लोग मिले अच्छे भी और बुरे भी । सुपर 30 की सफलता को देखकर अन्य कोचिंग वाले सहन नहीं कर पाए। उनका कहना था हम यहां बड़ी-बड़ी कोचिंग चला रहे हैं। सभी दिग्गज  कोचिंग माफिया ने एक एसोसिएशन बनाकर दबाव डालने का पूरा प्रयास किया और पैसो का प्रलोभन भी दिया। इसके अलावा सबसे बड़े क्रिमिनल ने फोन पर धमकी देते हुए कहा कि नमस्कार आप बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। हमको मदद चाहिए।

उसने कहा कि जो पैसा आप तीस बच्चों को खिलाते-पिलाते हो वो मझे दे दो। हमने कहा ये तो नहीं देंगे, चाहे जो कर लो। उन्होंने कुछ हथियारों का भी प्रयोग किया जैसे बम फेंका, गोली चलाई और चाकू से भी प्रहार किये। चाकू मेरे एक शिष्य के बीच में आने पर उसी के पेट में लग भी गया था जिसके बाद वह तीन महीने तक अस्पताल में उपचार हेतु रहा। उसके बाद जब डॉक्टर ने खून मांगा तो 30 बच्चों के साठ हाथों का सहारा प्राप्त हुआ |


आनंद कुमार ने बताया सफलता के मंत्र-

हाल ही में मुझे दोहा आमंत्रित किया गया था। वहां पर How To Teach मैथेमेटिक्स में हमने अपने विचारों को व्यक्त किया था। मेरे अनुसार  से सफलता के चार मंत्र प्रमुख होते हैं। यदि छात्र इन पर अमल कर लें तो सफलता हासिल कर सकते हैं।

पहला मंत्र है प्रबल प्यास।-

किसी भी कार्य को सफल बनाने के लिए सबसे अधिक महत्वपूर्ण है प्रबल प्यास। आपके दिल में और मन में प्रत्येक क्षण आईआईटी या जो भी परीक्षा की तयारी कर रहे हो वह मन में लगातार चलती रहनी चाहिए। टीवी सीरियल्स की बातें,क्रिकेट या अन्य मनोरंजक की बातें करके प्रबल प्यास को बांटना उचित नहीं होगा |


दूसरा मंत्र है पॉजिटिव थिंकिंग।-

चाहे जो आपका लक्ष्य हो, उसके लिए मन में सदैव सकारात्मक सोच को बनाकर रहना चाहिए। इसके बिना जीवन जिया जा सकता है इसकी तैयारी भी होना आवश्यक है। यदि आपने उम्मीद छोड़ दी तो वही से आपकी सफलता समाप्त |

तीसरा मंत्र है अथक परिश्रम।-

सफल वही व्यक्ति होगा जो अथक परिश्रम करेगा। सुपर 30 के स्टूडेंट्स 14-16 घंटे स्टडी करते हैं उन्हें बताना पड़ता है फिल्म देखो, संगीत सुनो फिर भी वह नहीं मानते। अथक परिश्रम करके कुछ भी प्राप्त किया जा सकता है।


चौथा मंत्र है धैर्य।-

स्थितियां चाहे कितनी भी विपरीत हो जाएं, धैर्य कभी भी नहीं छोड़ना चाहिए। इसका एक उदाहरण है-  एक छात्र का आईआईटी एक्जाम में प्रथम प्रश्न पत्र खराब हो गया तो उसने दूसरे प्रश्न पत्र के लिए मिले तीन घंटों में धैर्य बनाकर रखा तथा दूसरे प्रश्न पत्र की शानदार तैयारी की और आज वह आईआईटी दिल्ली में स्टडी कर रहा है।


दोस्तों, आज हमने इस आर्टिकल के माध्यम से "Founder of Super 30" आनन्द कुमार के बारें में जानकारी प्राप्त हुई | उनके जीवन के उतार-चढाव तथा उनके संघर्ष शील जीवन के बारें में जानकर , जीवन में सफलता प्राप्त करने में जरूर मदद मिलेगी | यदि अभी भी आपके समक्ष करियर से संबंधित कोई मन में प्रश्न या विचार आ रहा है तो कमेंट बॉक्स के माध्यम से जरूर पूछें | आपके द्वारा की गई प्रतिक्रिया का हमें इंतजार है |

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2 comments:

  1. Sr kiya hum bina kisi frnd circle ya bina kisi frnd ke help se koi competition ki tayri kar sak te hai & kisi teacher ki v help na ho to.

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