Wednesday, November 8, 2017

क्या है भारत चीन सीमा विवाद ?


क्या है भारत चीन सीमा विवाद ?
आज के समय में लगभग सभी देश एक दूसरे से आगे निकलने के लिए अग्रसर है ,कोई भी देश अपने से आगे किसी को नहीं देखना चाहता | एक दूसरे से आगे निकलने की प्रतिस्पर्धा में मनमुटाव हो जाता है जो लड़ाई का कारण बनता है ,जो देश जितना ताकतवर है वह अपने से छोटे को दबाने की कोशिश करता है | दो देशो के बीच युद्ध का यही कारण बनता है |


भारत और चीन सीमा का विवाद काफी पुराना है | भारत और चीन का युद्ध 1962 में हुआ था ,जिसमे चीन की जीत हुई थी |हाल ही में डोकलाम विवाद हुआ ,इसका मुख्य कारण उसकी अवस्थित है | यहाँ एक ऐसा जंक्शन है जहा भारत ,चीन और भूटान देश की सीमा मिलती है |भारत का इस क्षेत्र पर कोई दावा नहीं है,लेकिन भूटान और चीन का विवाद इस क्षेत्र को लेकर है| अभी यहाँ पर चीन का कब्ज़ा है और भूटान उस पर दावा करता है ,भूटान और भारत में आपसी मित्रता है |


चीन के सड़क बनाने से भारत की सिक्यूरिटी के लिए बहुत ही चिन्ता का विषय बना हुआ है | रोड लिंक से चीन को भारत पर एक बड़ा सैन्य लाभ मिलेगा | इससे पूर्व के राज्यों में भारत से जुड़ने वाला कारीडोर चीन के हिस्से में आ जायेगा ,जबकि चीन कहता है कि यह रोड उसके तिब्बत –सिल्क रोड का एक हिस्सा है | भारत का इस हिस्से पर कोई अधिकार नहीं है, भारत कको पीछे हटना होगा |भारत और भूटान चाहते है कि जब तक इस विवादित क्षेत्र का कोई फैसला नहीं होता, रोड निर्माण कार्य में विराम लगा रहना चाहिए और भविष्य में किसी प्रकार का निर्माण नहीं होना चाहिए | भारत के साथ साथ भूटान के क्षेत्र में भी रक्षा सम्बन्धी सवाल है | भूटान सरकार और भारत के बीच दोस्ती और सहयोग के संबंधो को ध्यान में रखते हुए अपने राष्ट्रीय हितो से सम्बंधित मामलो में एक दूसरे के साथ हैI


भारत और चीन के मध्य डोकलाम विवाद की शुरुआत 18 जून 2017 से हुई थी | उस समय से आज तक यह विवाद चल रहा है | सितम्बर माह में ब्रिक्स शिखर सम्मलेन से पहले दोनों देशो ने अपनी-अपनी सेनाओ को पीछे हटाने का निर्णय लिया | भारत और चीन के मध्य अभी तक तीन बार युद्ध हो चुका है | सन  में चीन ने अचानक ही आक्रमण कार दिया था ,भारतीय सेना को बिलकुल भी अंदाज़ा नहीं था की युद्ध होने वाला है |यहाँ तक की चीन की सेना ने छुपकर भारतीय सेना की फ़ोन लाइन काट दी जिससे वे अपने मुख्यालय में संपर्क ना कार सके |चीनी सेना ने एक बड़े झाड में आग लगाकर भारतीय सैनिको को भ्रम में रखा और उसकी मदद से 400 से ज्यादा सैनिको की फ़ौज ने आक्रमण कर दिया | चीन के एक बड़े अध्यात्मिक गुरु दलाई लामा ने चीन को छोड़ा और भारत में रहने लगे ,जिसके कारण भी भारत और चीन के बीच तनाव बाद गया |


चीन 1962 के युद्ध के बाद से लगातार भारत पर दबाव बना रहा है ,युद्ध की धमकी दिए जा रहा है | 1962 जैसा परिणाम होने की बात कह रहा है | 1962 से पांच वर्षो बाद 1967 में भारत के जाबाज सैनिको ने चीन को सबक सिखाया जो आज भी याद होगा | डोकलाम क्षेत्र में भारत की भौगौलिक स्थिति हो य हथियार दोनों ही चीन से बेहतर है |भारतीय सुखोई हो या ब्रह्मोस, इसका चीन के पास कोई इलाज नहीं है. चीनी सुखोई 30 एमकेएम एक साथ केवल 2 निशाने साध सकता है, जबकि भारतीय सुखोई एक साथ 30 निशाने साध सकता है | हाल ही में भारत एक ऐसे मिसाइल सिस्टम के विकास में लगा हुआ है, जिससे दक्षिण भारत से भी चीन पर परमाणु हमला किया जा सकता है. भारत अभी उत्तरी भारत से मिसाइल से न केवल चीन बल्कि यूरोप के कई हिस्सों पर भी हमला करने में सक्षम है| इस तरह चीन भारतीय मिसाइलों के परमाणु हमलों के पूरी तरह रेंज में है |  

वर्ष 1988 के बाद से चीन भूटान के कुछ हिस्से में अतिक्रमण करता चला आ रहा है | पहली बार चीन डोकोला से ज़ूमली में भूटान आर्मी शिविर की ओर एक सपाट सड़क का निर्माण कर रहा है, चूकी यह कार्य उसने पहले भी कर चुका है और भूटान विरोध करने का साहस नहीं दिखा सका । भूटानी पीएलए के सैनिकों को निर्माण बंद कराने की स्थिति में नहीं हैं, उन्होंने चीनी पक्ष को जमीनी और राजनयिक चैनलों के माध्यम से कई बार विरोध जता चुका है ,जबकि चीन यह बात अच्छी तरह से जानता है कि भूटान चीन का कुछ नहीं बिगाड़ सकता है | भारत और चीन ने उस जगह पर सैनिकों की तैनाती की जहां सिक्किम-भूटान-तिब्बत की सीमाएं मिलती हैं. चीन ने नाथू ला पास से होकर गुज़रने वाली कैलाश मानसरोवर यात्रा को भी रद्द कर दिया |


चीन के विदेश मंत्रालय ने इस पर प्रतिक्रिया करते हुए कहा कि भारत अपने सैनिको और मशीनों को हटाएगा और चीन एतिहासिक सीमा समझौते के तहत अपने अधिकारों का इस्तेमाल करता रहेगा | डोकलाम का इलाका भारत के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है , भारत के सिक्किम, चीन और भूटान के तिराहे पर स्थित डोकलाम पर चीन हाइवे बनाने की कोशिश कार रहा है, जिसका विरोध भारतीय सेना कर रही है,उसकी बड़ी वजह ये है कि अगर डोकलाम तक चीन की सुगम आवाजाही हो गई तो फिर वह भारत पर दबाव बनाये रहेगा अगर चीन डोकलाम इलाके में अपना वर्चस्व साबित करने में कामयाब हो गया तो वो 'चिकन नेक' इलाके में बढ़त ले लेगा, जो भारत के लिए बहुत ही नुकसानदायक होगा


  चाहे वह भारत हो या चीन किसी भी देश के लिए युद्ध एक सही रास्ता नहीं होता है। सभी देशों के मध्य शांति और मित्रता हमेशा बनाये रखना चाहिए। युद्ध से मात्र विनाश ही होता है,दोनों देशो के आर्थिक स्थिति ख़राब हो जाती है | युद्ध से किसी बात का परिणाम नहीं निकलता है।    
उपरोक्त दी गई जानकारी के माध्यम से अब आपको डोकलाम विवाद के बारे में जानकारी प्राप्त करने में अवश्य मदद मिलेगी | यदि अभी भी आपके मन में डोकलाम से संबंधित कोई विचार या प्रश्न आ रहा है तो कमेंट बॉक्स के माध्यम से अपने प्रश्नों तथा विचारों को जरूर व्यक्त करें | आपके द्वारा की गई प्रतिक्रिया की हमें प्रतीक्षा है |


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