Negative Thoughts से कैसे छुटकारा पाए- पढ़े जबरदस्त टिप्स - Sarkari Naukri Career

Tuesday, February 13, 2018

Negative Thoughts से कैसे छुटकारा पाए- पढ़े जबरदस्त टिप्स


Negative Thoughts से कैसे छुटकारा पाए
नकारात्मक सोंच हमारे जीवन को आगे बढ़ने नहीं देती, अर्थात  यह हमारे लक्ष्य को पाने में हमेशा बाधा उत्पन्न करती है । कोई भी इंसान आजकल ग़लतफ़हमी का शिकार आसानी से हो जाता है, क्योंकि यह उनकी सोंच पर निर्भर करता है |

प्रायः हमारे मस्तिष्क में आने वाले विचार दो तरह के होते हैं, सकारात्मक विचार और नकारात्मक विचार | सकारात्मक विचार जो हमे सफलता की और अग्रसर करते है, जबकि निन्गेटिव विचार  आपको निराशा और तनाव में डूबो देते हैं |

हमारे अनेक प्रयासों के पश्चात अपने दिमाग में आने वाले इन विपरीत विचारों को रोकने में सफ़ल नहीं हो पाते | हम नकारात्मक विचारों से कैसे छुटकारा पा सकते है, इसके बारें में आपको इस पेज पर विस्तार से बता रहें है |


1.निगेटिव थॉट्स से बचें  
रिसर्च के अनुसार, हमारे दिमाग में प्रत्येक दिन आने वाले विचारों की संख्या लगभग  60,000 होती है, और इनमें से 70-80 % नकारात्मक विचार होते हैं, जो हमारे जीवन को विपरीत तरीके से प्रभावित करते हैं, और हम इनसे अनजान, अपने जीवन की मुश्किलों का ज़िम्मेदार भाग्य को मान लेते हैं, जबकि यह हमारी सोंच पर निर्भर करता है |

2.वर्तमान की चिंता
अन्य जीवों की तुलना में, इंसानों में सोंचने, समझने की शक्ति अधिक होती है, जिसका लाभ लगभग प्रत्येक व्यक्ति अपने हर कदम पर उठाता है, लेकिन यही विवेकशीलता उसकी मार्ग में अवरोधक बन जाती है,क्योंकि वह  सामान्य स्थिति को गहराई से सोंचता चला जाता है, जबकि इसकी कोई आवश्यकता नहीं होती है ।

सामान्य परिस्थितियों को बार बार चिंतन मनन करके जांचने की यह  प्रवृति शांत दिमाग में नकारात्मक विचारों को प्रवेश करवाती है, और फिर नकारात्मक विचारों की यह श्रृंखला रुकने का नाम नहीं लेती |


3.आने वाले कल के बारे में
आज के युग में प्रत्येक व्यक्ति वर्तमान की अपेक्षा भविष्य के बारें में अधिक सोंचते है, और स्वयं ही अपने मन में अनेक बाते सोंचकर नकारात्मक विचार उत्पन्न कर लेते है, उन चीज़ो और हालातों का डर, जिनके बारे में आप कुछ भी नहीं जानते और चाहकर भी नहीं जान सकते । आने वाले कल के लिए थोड़ा विचार करना उचित है लेकिन उसके बारे में सोच सोचकर डरना नेगेटिव विचारों को आमंत्रित करने जैसा है |

4.नकारात्मक परिवेश से बचें 
किसी भी व्यक्ति में वातावरण और माहौल के अनुसार ही विचार उत्पन्न होते है, आप स्वयं को जैसे विचार देंगे वैसे विचार आपके दिमाग में चलते रहेंगे जो आपके व्यक्तित्व को निर्धारित करेंगे । जब आपके आसपास ऐसे लोग होते हैं, जो सिर्फ कमियाँ निकालना जानते हैं |

प्रत्येक बात के नकारात्मक पहलू पर ही ज़ोर देते हैं और आपको प्रेरित करने की बजाए आपका मनोबल कमज़ोर बनाते हैं तो ऐसे लोगों से सदेव दूर रहने का प्रयास करना चाहियें और ऐसे लोगो के साथ रहना चाहियें,  जो प्रत्येक स्थिति में आपको सकारात्मक पक्ष दिखाए और आगे बढ़ते जाने की प्रेरणा दें ।


5.बार-बार असफ़लता से सामना होना
प्रत्येक व्यक्ति किसी भी कार्य में सफलता प्राप्त करने के लिए करते है, लेकिन फिर भी आपको असफलता का सामना करना पड़ा है, और आपके साथ ऐसा अनेक बार हुआ हो, ऐसी स्थिति में थककर निराश हो जाना स्वाभाविक है, और निराशा की इस स्थिति में नकारात्मक विचारों का आपके दिमाग में दौड़ना भी एक सामान्य प्रक्रिया है |  

इस निराशा को लम्बे समय तक रखने के  बजाए आवश्यक है, कि एक बार पुनः नए सिरे से प्रयास करने की, इस बार अपनी कमियों को सुधारकर फिर से प्रयास करें  ,क्योंकि आप यह अच्छी तरह से जानते हैं, कि प्रयास से  सफ़लता प्राप्त होती हैं ।


मित्रों, यहाँ आपको हमनें निगेटिव थॉट्स से बचनें के बारें में बताया | यदि इससे सम्बंधित आपके मन में कोई प्रश्न आ रहा है ,तो कमेंट बाक्स के माध्यम से व्यक्त कर सकते है | हमें आपके द्वारा की गई प्रतिक्रिया का इंतजार है |

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