पिता ने अखबार बेचकर मुझे आईएएस (IAS) बनाया

Thursday, February 15, 2018

पिता ने अखबार बेचकर मुझे आईएएस (IAS) बनाया

पिता ने अखबार बेचकर मुझे आईएएस (IAS) बनाया
कहते है, दिल में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो, तो रास्ते खुद ब खुद खुल जाया करते हैं, संसाधनों का अभाव होते हुए भी, राहें मंजिल तक पहुंचा देती हैं, कुछ ऐसा ही कर दिखाया है, सिरमौर जिले के डीसी के पद पर नवनियुक्त 2011 बैच के आईएएस अधिकारी ललित जैन नें ,जिन्होनें मात्र 26 साल की उम्र में यूपीएससी की परीक्षा उत्तीर्ण कर लिया, इनकें बारें में आपको इस पेज पर विस्तार से बता रहें है |


आईएएस अधिकारी ललित जैन
ललित जैन का जन्म खरड़ में 19 मार्च 1983 को हुआ था, इनके माता का नाम रजनी जैन और पिता का नाम शशिपाल है | इनकी आरंभिक पढ़ाई खरड़ से चंडीगढ़ सेंट जोंस हाई स्कूल सेक्टर-26 में हुई, तथा इन्होनें अपने पिता के साथ अखबार बेचे व घरों में अखबार पहुंचाए ।

आईएएस बनने से पहले ललित जैन ने वर्ष 2003 से 2005 के मध्य देश के प्रसिद्ध अंग्रेजी दैनिक समाचार में पत्रकारिता की थी, और इनके पिता भी अंग्रेजी दैनिक द ट्रिब्यून से सम्बंधित रहे। पंजाब के खरड़ से ताल्लुक रखने वाले महज 34 वर्षीय सिरमौर के नवनियुक्त डीसी ललित जैन के पिताजी अखबार बेचने का काम करते थे |

ललित जैन ने लगभग पांच वर्षो में अनेक ऐसे सराहनीय कार्य किये, जिनके करना वह चर्चा में आये | धर्मशाला में नगर निगम आयुक्त के पद ग्रहण करने के पश्चात उनके सख्त निर्णय से वहाँ के राजनीतिज्ञों को काफी कठिनाईयों  का सामना करना पड़ा |



अपने प्रान्त से पहले आईएएस
ललित जैन, पंजाब के खरड़ कस्बे से आईएएस बनने वाले पहले प्रतिभावान व्यक्ति हैं, इससे पहले हरियाणा प्रशासनिक सेवा में परीक्षा में साक्षात्कार के दौरान,  कम अंक दिए जाने को लेकर उन्होंने याचिका दाखिल की थी, परन्तु वर्ष 2011 में आईएएस चुने जाने पर उन्होंने उस याचिका को वापस ले लिया था ।

यूपीएससी परीक्षा में 41 वां  स्थान
ललित जैन ने मात्र 27 वर्ष की आयु में यूपीएससी परीक्षा में 41 वां  स्थान प्राप्त किया, श्री जैन अपने पहले तीन प्रयासों में विफल रहे थे और हरियाणा सिविल सेवा के लिए हरियाणा लोक सेवा आयोग द्वारा साक्षात्कार में भी खारिज कर दिया गया था, वह   पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में अभ्यास वकील, जैन पंजाब विश्वविद्यालय से कानून स्नातक हैं |


सफलता का श्रेय
अपनी सफलता का श्रेय ईश्वर के साथ-साथ माता पिता को देना चाहूंगा,  इसके बाद मित्रगण को देना चाहता हूं । यदि आप मध्यवर्गीय परिवार से हैं, तो इस परीक्षा में धैर्य की परीक्षा हमेशा ली जाती है। जब-जब आत्मविश्वास डगमगाया, ईश्वर से दिशा दिखाई ।

नवनियुक्त डीसी के सामने ये रहेंगी चुनौतियां
सिरमौर जिले के अनेक विभागों एक लंबे अन्तराल से सैकड़ों पद रिक्त हैं, और स्वभाविक है, कि कर्मचारी न होने के कारण  आम लोगों को अनेक कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है । शिक्षा विभाग और  स्वास्थ्य विभाग में खाली पड़े शिक्षकों व डाक्टरों के पदों से बच्चों के साथ ग्रामीणों को काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है |

जिला मुख्यालय नाहन में पार्किंग की समस्या सर्वाधिक कठिन है, जिसका आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ । पांवटा क्षेत्र में काफी अधिक समय से आपराधिक ग्राफ बढ़ता जा रहा है, निरंतर बढ़ते हए इस ग्राफ से लोगो अपने नए डीसी से काफी उम्मीदे है |

मित्रों, यहाँ आपको हमनें आईएएस अधिकारी ललित जैन के बारें में बताया | यदि इससे सम्बंधित आपके मन में कोई प्रश्न आ रहा है, तो कमेंट बाक्स के माध्यम से व्यक्त कर सकते है | हमें आपके द्वारा की गयी प्रतिक्रिया का इंतजार है |

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