ब्रिटेन नहीं अब चीन जाना चाहते हैं भारतीय छात्र - जाने क्यों ? - Sarkari Naukri Career

Monday, January 8, 2018

ब्रिटेन नहीं अब चीन जाना चाहते हैं भारतीय छात्र - जाने क्यों ?

ब्रिटेन नहीं अब चीन जाना चाहते हैं भारतीय छात्र - जाने क्यों ?
भारत और चीन के मध्य सीमा क्षेत्र को लेकर विवाद के अनेक खबरें आती है ,इसके बावजूद चीन शिक्षा के क्षेत्र में भारतीयों की पहली पसंद बन गया है । इससे पहले भारतीय छात्र शिक्षा प्राप्त करने हेतु बाहर जाने के लिए अधिकतर ब्रिटेन को प्राथमिकता देते थे । वर्ष  2010-11 से  मेडिसिन की पढ़ाई करने के लिए छात्र चीन जाते रहे हैं | इसके बारे में आपको इस पेज पर विस्तार से बता रहे है |


क्यों है चीन भारतीयों की पहली पसंद
पिछले एक दो वर्षो में चीन में मेडिकल पढ़ाई के लिए जाने वाले भारतीय छात्रों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है । भारत सरकार द्वारा हाल ही में लागू नीट परीक्षा को इसका प्रमुख कारण बताया जा रहा है , नीट के माध्यम से मेडिकल की प्रवेश परीक्षा काफी कठिन हो गई है ,इसलिए भारतीय छात्र अब मेडिकल की पढ़ाई के लिए बड़ी संख्या में चीन से शिक्षा ग्रहण करना चाहते है |

इससे पूर्व में कुछ छात्र पहले रूस जाते थे ,परन्तु वहां भाषा की समस्या सामने आती थी ,जबकि चीन में पाठ्यक्रम अंग्रेजी में है, इसलिए छात्रों को आसानी होती है । भारतीय छात्र चीन की तरफ बड़ी संख्या में रुख कर रहे हैं, क्योंकि चीन में प्रवेश प्रक्रिया भारत से सरल है ,और प्रवेश आसानी से प्राप्त हो जाता है | मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया चीन की मेडिकल डिग्री को मान्यता देती है ।


भारत की अपेक्षा खर्च कम
विदेश अध्ययन की एक्सपर्ट प्रतिभा जैन बताती हैं, कि चीन में मेडिकल कोर्स का खर्च भारत से कम है और भारतीय सरकार चीन की मेडिकल डिग्री को मान्यता भी देती है । उन्होंने बताया कि पहले कुछ छात्र रूस भी पढ़ने जाते थे लेकिन वहां उन्हें भाषा की दिक्कत का सामना करना पड़ता था क्योंकि पढ़ाई रूसी में होती थी लेकिन चीन में ऐसा नहीं है वहां अंग्रेजी में भी मेडिकल की पढ़ाई होती है ।


एक अनुमान के मुताबिक चीन की यूनिवर्सिटी में मेडिकल की पढ़ाई के लिए औसत फीस 1 हजार से 2 हजार डॉलर यानी करीब 1.5 से 2 लाख रुपए आती है । मेडिकल के बाद सबसे ज्यादा इंडीनियरिंग की पढ़ाई के लिए भारतीय छात्र चीन जाते हैं । वर्तमान में चीन अब यूएस और यूके के बाद तीसरा सबसे पसंदीदा स्थान हो गया है ।


वर्ष 2015 में चीन में मेडिकल में प्रवेश लेने वाले छात्रों की संख्या 13,500 से अधिक थी । भारत उन टॉप 10 देशों में सम्मिलित हैं जहां के छात्र बड़ी संख्या में अध्ययन के लिए चीनी यूनिवर्सिटियों में जा रहे हैं | चीन अब यूएस और यूके के बाद तीसरा सबसे पसंदीदा स्थान हो गया है ।


मित्रो,यहाँ हमनें आपको मेडिकल की शिक्षा ग्रहण करने हेतु चीन के बारे में बताया | यदि इससे सम्बन्षित आपके मन में कोई प्रश्न आ रहा है ,तो कम्मेंट बाक्स के माध्यम से व्यक्त कर सकते है | हमें आपके द्वारा की गई प्रतिक्रिया का इंतजार है |

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