Tuesday, February 20, 2018

सर्टिफिकेट चेक करेंगे साइंटिस्ट, फिर होगा DU में दाखिला- पढ़े पूरी न्यूज़

सर्टिफिकेट चेक करेंगे साइंटिस्ट, फिर होगा DU में दाखिला
दिल्ली यूनिवर्सिटी के कॉलेजों में 2017-18 सेशन के दौरान प्रवेश में फर्जी सर्टिफिकेट्स वाले छात्रों को प्रवेश प्राप्त हुआ था, जिसकी जानकारी होने पर प्रवेश निरस्त कर दिया गया था, इस वर्ष डीयू में फेक सर्टिफिकेट के माध्यम से प्रवेश लेने की कई कोशिशों को देखते हुए, कॉलेज इसकी तैयारी पहले से कर रहा है, छात्रों की सर्टिफिकेट अब फरेंसिक एक्सपर्ट्स या साइंटिस्ट द्वारा निरीक्षित किये जायेंगे, जिसके पश्चात छात्रों को प्रवेश प्राप्त होगा, इसके बारे में आपको इस पेज पर विस्तार से बता रहें है |


ऐडमिशन टाइम में रखे जायेंगे एक्सपर्ट्स
इस वर्ष दिल्ली यूनिवर्सिटी सभी कॉलेजेस से फेक मार्कशीट्स और सर्टिफिकेट्स की जांच के लिए फोरेंसिक एक्सपर्ट्‌स हायर किये जा सकते है, यह कदम पिछले कई वर्षो से सक्रिय फर्जी प्रमाणपत्रों वाले रैकेट को देखते हुए उठाया जाएगा । डीयू के एक अधिकारी के अनुसार,  यूनिवर्सिटी एडमिशन कमेटी, कॉलेजेस से फोरेंसिक एक्सपर्ट्‌स हायर करने के लिए कहेगी, ताकि फर्जी डॉक्यूमेंट्स के बल पर सीट सुरक्षित करने की कोशिश को प्रारंभ में ही रोक लिया जाए |


ऐसे अनेक कॉलेज पहले ही फोरेंसिक प्रोफेशनल्स के लिए एक्सपर्ट्स की सहायता ले रहे है, जिनमें श्री गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज (एसजीटीबी) खालसा कॉलेज की फरेंसिक यूनिट की फैकल्टी और छात्र ही यह काम मिलकर ऐडमिशन टाइम पर करते हैं। 

एसजीटीबी खालसा कॉलेज के केमिस्ट्री डिपार्टमेंट के असोसिएट प्रफेसर जी. एस. सोढी कॉलेज फरेंसिक यूनिट  हेड के अनुसार, हमारे छात्र भी लगभग एक वर्ष में फेक डॉक्युमेंट्स को चेक करने के लिए ट्रेंड हो जाते हैं, फेक सर्टिफिकेट का पता करने के लिए चार से पांच पैमाने हैं,जिनमें सर्टिफिकेट में पेपर क्वॉलिटी, बारकोड, होलोग्राम, वॉटरमार्क, लोगो, वर्ड स्पेसिंग और लाइंस स्पेसिंग के माध्यम से फेक सर्टिफिकेट को आसानी से पहचाना जा सकता है ।


दस्तावेजों की जांच
दस्तावेजों की जांच के लिए, एक्सपर्ट्‌स इनफ्रारेड लाइट, यूवी लाइट, मैग्नीफाइंग हैंड लेंस आदि के प्रयोग से दस्तावेजों की जांच करेंगे । रामजस कॉलेज ऐसा पहला कॉलेज था, जिसने 2013 में फेक मार्कशीट्स का पता लगाने के लिए फोरेंसिक एक्पर्ट्‌स लगाए थे, वर्ष 2016-17 के एडमिशन में कालिंदी, दयाल सिंह और वेंकटेश्वर कॉलेजेस ने फोरेंसिक सुविधा देने वाली एक कंपनी नियुक्त की थी, इस साल शिवाजी कॉलेज ने भी फोरेंसिक एक्सपर्ट्‌स की मदद लेने का निर्णय लिया है ।

डीयू में ऐडमिशन के लिए अब ऑनलाइन काउंसलिंग
दिल्ली यूनिवर्सिटी का प्लान है, कि स्टूडेंट्स और कॉलेजों दोनों की आसानी के लिए आईपी यूनिवर्सिटी की तर्ज पर इन सभी कोर्सेज के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग कराई जाए । अकैडमिक सेशन 2018-19 में ही इसे शुरू करने के लिए इसका प्रपोजल एडमिशन कमेटी ने बनाकर यूनिवर्सिटी को भेज दिया है, वहां से मंजूरी मिलते ही इसे पायलट प्रॉजेक्ट के रूप में इसी सेशन से लागू कर दिया जाएगा |

यूनिवर्सिटी इस बार अप्रैल से अपना एडमिशन प्रोसेस अप्रैल से शुरू करने की घोषणा कर चुका है, इस बार एडमिशन सिस्टम में कुछ स्मार्ट बदलाव करने के लिए यूनिवर्सिटी ने अपनी एडमिशन कमेटी में 47 मेंबर रखे हैं । यूनिवर्सिटी ने अलग-अलग मुद्दों को लेकर सब-कमेटी बनाई है, जिसमें से एक ने एंट्रेंस बेस्ड अंडरग्रैजुएट कोर्सेज में ऑनलाइन काउंसलिंग शुरू करने का प्रस्ताव दिया है ।


यहाँ आपको हमनें डीयू में फेक सर्टिफिकेट से होने वाले प्रवेश पर रोक लगाने की प्रक्रिया के बारें में बताया | यदि इससे सम्बंधित आपके मन में कोई प्रश्न आ रहा है, तो कमेंट बाक्स के माध्यम से व्यक्त कर सकते है | हमें आपके द्वारा की गयी प्रतिक्रिया का इंतजार है |

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