ज्योग्राफिकल इन्फॉर्मेशन सिस्टम GIS में कैरियर - पूरी जानकारी हिंदी में - Sarkari Naukri Career

Monday, February 5, 2018

ज्योग्राफिकल इन्फॉर्मेशन सिस्टम GIS में कैरियर - पूरी जानकारी हिंदी में

ज्योग्राफिकल इन्फॉर्मेशन सिस्टम GIS में कैरियर
जीआईएस अर्थात भौगोलिक सूचना प्रणाली, एक ऐसी प्रणाली है ,जिससे सभी प्रकार के भौगोलिक डेटा को संग्रह करने, बदलनें, विश्लेषण करने, प्रबंधन करने और प्रस्तुत करने हेतु डिज़ाइन किया जाता है। ज्योग्राफिकल इन्फॉर्मेशन सिस्टम भूगोल की एक प्रमुख शाखा है ,जिसके अंतर्गत पृथ्वी की भौगोलिक आकृतियों, भू-भागों आदि को डिजिटल रूप में प्रस्तुत किया जाता है |

वर्तमान में इसका क्रेज अधिक तेजी से बढ़ रहा है, और यह एक बेहतर करियर के रूप में सामने आ रहा है  ,इसके बारें में आपको इस पेज पर विस्तार से बता रहें है |


ज्योग्राफिकल इन्फॉर्मेशन सिस्टम
ज्योग्राफिकल इन्फॉर्मेशन सिस्टम एक प्रकार का सॉफ्टवेयर है, जिसकी सहायता से सम्बंधित क्षेत्र की मैपिंग करने के पश्चात प्राप्त डाटा के माध्यम से अपने कार्यालय अथवा घर में बैठेकर पूरे क्षेत्र की सटीक जानकारी प्राप्त की जाती है ,अधिकांशतः इस सॉफ्टवेयर का प्रयोग विज्ञान ,कृषि ,डिफेंस, न्यूक्लियर साइंस, आर्किटेक्चर, टाउन प्लानर, मैपिंग, मोबाइल आदि क्षेत्र में किया जाता है । इसकी सहायता से किसी भी स्थान की स्थिति को अपने कंप्यूटर पर देखा एवं बनाया जा सकता है ।

GIS और रिमोट सेंसिंग पाठ्यक्रम हेतु शक्षिक योग्यता
इस क्षेत्र में करियर बनानें हेतु अभ्यर्थी को जीआईएस में पोस्ट ग्रेजुएशन, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स कर सकते हैं , इसके लिए जिओलॉजी, अप्लायड जिओलॉजी, अर्थ साइंस, जिओग्रफी, जिओसाइंस  बीएससी, बीई, बीटेक आदि में स्नातक की डिग्री होना आवश्यक है |


पाठ्यक्रम हेतु शिक्षण संस्थान
हमारे देश के अनेक शिक्षण संस्थानों में जीआईएस से संबंधित पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं । इस क्षेत्र की प्रमुख शिक्षण संस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ जिओ-इन्फॉर्मेटिक्स ऐंड रिमोट सेंसिंग के अंतर्गत आने वाले इंस्टीट्यूट से लांग और शॉर्ट टर्म पाठ्यक्रम कर सकते हैं । यहां मुख्य रूप से पोस्ट ग्रेजुएट सर्टिफिकेट इन जीआईएस ऐंड आरएस ,जिसकी समय अवधि छह माह है , पोस्ट ग्रेजुएट सर्टिफिकेट इन जीआईएस प्रोग्रामिंग कोर्स जिसकी समय अवधि चार माह हैं ।

1.इंडियन इंस्टीट्यूट रिमोट सेंसिंग देहरादून

2.इलाहाबाद यूनिवर्सिटी ,उत्तर प्रदेश |

3.बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी ,रांची |

4.एमडीएस युनिवर्सिटी अजमेर ,राजस्थान |


5.इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी रुड़की |

6.इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी ,कानपूर |

7.जीआईएस इंस्टीट्यूट ,नोएडा |

8.ईएसआरआई इंडिया ,दिल्ली |


करियर के क्षेत्र में संभावनाए  

1.इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (इसरो) |

2.नेशनल रिमोट सेंसिंग एजेंसी (एनआरएसए) |

3.नेशनल इन्फॉर्मेटिक सेंटर (एनआईसी) |

4.स्पेस ऐप्लिकेशन सेंटर |

5.अर्बन डेवलॅपमेंट ऑथोरिटी |

6.नेचुरल रिसोर्स मैनेजमेंट |

7.इमर्जेंसी मैनेजमेंट |

8.मिलिट्री कमांड |

9.ट्रांसर्पोटेशन मैनेजमेंट |

10.सोशियो-इकोनॉमिक डेवलॅपमेंट |

11.अर्बन डेवलॅपमेंट |

12.बिजनेस ऐप्लिकेशन |

भारत और विदेश में संभावनाएं  
जीआईएस का उपयोग आने वाले समय में लगभग प्रत्येक क्षेत्र में होने की संभावना है , जैसे- डिजास्टर मैनेजमेंट, डेवलॅमेंट ऑथोरिटी आदि । वर्तमान में भारत का डिजिटल मैप उपलब्ध नहीं है ,जिसके कारण इस क्षेत्र में करियर की बेहतरीन संभावनाएं देखी जा रही हैं और विकसित देशों में इस टेक्नोलॉजी का प्रयोग पहले से किया जा रहा  हैं ,इसलिए वहां डाटा एनालिसिस हेतु  इस क्षेत्र से जुड़े स्किल्ड लोगों की आवश्यकता अधिक है |


जीआईएस क्षेत्र का वेतनमान  
इस क्षेत्र में फ्रेशर को वार्षिक वेतन लगभग एक लाख से एक लाख बीस हजार रुपये के मध्य प्राप्त होता है , आठ से दस वर्ष के कार्य-अनुभव के पश्चात आप सीईओ लेवॅल तक आसानी से पहुंच सकते हैं ।

मित्रों, यहाँ आपको हमनें ज्योग्राफिकल इन्फॉर्मेशन सिस्टम के बारें में बताया | यदि इससे सम्बंधित आपके मन में कोई प्रश्न आ रहा है ,तो कमेंट बाक्स के माध्यम से व्यक्त कर सकते है | हमें आपके द्वारा की गई प्रतिक्रिया का इंतजार है |

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