लेखपाल कैसे बने- योग्यता | सैलरी | सिलेबस | पूरी जानकारी विस्तार से हिंदी में

Monday, February 26, 2018

लेखपाल कैसे बने- योग्यता | सैलरी | सिलेबस | पूरी जानकारी विस्तार से हिंदी में

लेखपाल कैसे बने- योग्यता | सैलरी | सिलेबस | पूरी जानकारी
आज के प्रतिस्पर्धा युग में प्रत्येक व्यक्ति का अपना एक लक्ष्य होता है, प्रत्येक व्यक्ति अपनी योग्यता के अनुसार  अपने लक्ष्य को प्राप्त करना चाहते है, कोई इंजीनियर बनना चाहता है, तो कोई लेखपाल बनना चाहता है, किसी भी लक्ष्य की प्राप्ति हेतु उसके पाठ्यक्रम से सम्बंधित जानकारी प्राप्त करना आवश्यक है, आप लेखपाल कैसे बन सकते है ? इसके बारें में आपको इस पेज पर विस्तार से बता रहें है |  


लेखपाल कैसे बनें
लेखपाल राजस्व विभाग के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण कर्मचारी होता है, इन्हें विभिन्न स्थानों पर अन्य नामों, जैसे- पटेल, कारनाम अधिकारी, शानबोगरु आदि से भी जाना जाता है । लेखपाल पर तहसील की ओर से जारी किए जाने वाले आय, जाति, निवास और हैसियत प्रमाणपत्र से संबंधित जांच पड़ताल और इस संबंध में रिपोर्ट देने की जिम्‍मेदारी होती है।

शैक्षिक योग्यता
लेखपाल बनने के लिए शैक्षिक योग्‍यता इंटरमीडिएट है । उत्तर प्रदेश सरकार ने लेखपाल बनने के लिए अब कम्‍प्‍यूटर नॉलेज को  अनिवार्य कर दिया है। राजस्‍व परिषद ने लेखपाल के पद पर नियुक्ति के लिए निर्धारित शैक्षिक योग्‍यता 12वीं के अलावा ट्रिपल सी (कोर्स ऑन कम्‍प्‍यूटर कॉनसेप्‍ट्स) सर्टिफिकेट अभ्‍यर्थी के पास होना आवश्यक है |


आयु विवरण
उत्तर प्रदेश में लेखपाल के पद को आवेदन करने के लिए आवेदकों को 18-40 वर्ष के मध्य होना चाहिए, यह आयु सीमा भारत सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार आरक्षित श्रेणियों के लिए निश्चित है ।

पटवारी के कार्य
लेखपाल एक सरकारी अधिकारी होता है, अधिकांश  इनका कार्यक्षेत्र ग्रामीण क्षेत्रों में होता है, लेखपाल  के पास एक या उससे अधिक गांव होते है, उन गांव की भूमि की पूरी जानकारी उसके पास होती है, जैसे- किसके पास कितनी भूमि है, उस भूमि पर क्या क्या है, किस तरह की भूमि है, किसका नियंत्रण है, आदि की जानकारी रखते है ।


1.किसी भी किसान के भूमि की खरेदी-बिक्री का कार्य पटवारी अर्थात लेखपाल के उपस्थिति में होता है।

2.भूमि का बंटवारा तथा भूमि स्थानांतरण का कार्य लेखपाल की उपस्थिति में होता है ।

3.लेखपाल कृषि सबंधी समस्याओं में किसानो के साथ खड़ा रहता है, जैसे नुकसान भरपाई सर्वेशन में, आर्थिक समस्याओं को सुलझाने के लिए ।

4.नैसर्गिक आपत्तियों से गावों में होने वाले नुकसान की भरपाई का सर्वेशन लेखपाल के सहयोग से होता है ।

5.लेखपाल आवेदकों को विकलांगता पेंशन, बुढ़ापा, आय प्रमाण पत्र बनाने में मदद करता है ।

परीक्षा पाठ्यक्रम
अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा (80 अंक) और इंटरव्यू (20 अंक) दोनों देने होंगे, दोनों में मिले अंकों के आधार पर संयुक्त मेरिट तैयार की जाएगी, जिसके आधार पर नियुक्तियां की जाएंगी, लेखपाल पद के लिए चयन विशुद्ध रूप से लिखित परीक्षा मेरिट पर आधारित होगी । 

लिखित परीक्षा के पश्चात , सफल अभ्यर्थियों  के दस्तावेज़ सत्यापन किया जाएगा । यूपी लेखपाल योग्यता, जिलावार और श्रेणी के अनुसार तैयार हो सकती है, उत्तर प्रदेश में लेखपाल नौकरी प्राप्त करनें  के लिए लिखित परीक्षा मुख्य है |

क्रम स० विषय अंक प्रश्नों की संख्या
1. सामान्य हिंदी 25 25
2. अंक शास्त्र 25 25
3. सामान्य ज्ञान 25 25
4. गांव ग्राम समाज और विकास 25 25

सामान्य हिंदी
अलंकार, समसा, विलोम, पर्यायवाची, रस, संधियों, तद्भाव समान, लोकोक्तियों, मुहावरे, वाक्यांशों के लिए एक शब्द, अनेकार्थी शब्द वाक्य-संशोधन-वचन, वचन, कारक, काल, वर्तनी, त्रुटि से सम्बद्ध |


गणित 
अंकगणित और सांख्यिकी : संख्या प्रणाली, प्रतिशत, लाभ हानि, सांख्यिकी, तथ्यों का वर्गीकरण, आवृत्ति, आवृत्ति वितरण, सारणीकरण, संचयी आवृत्ति। तथ्यों का निर्धारण, बार चार्ट, पाई चार्ट, हिस्टोग्राम, आवृत्ति बहुभुज, केंद्रीय माप: समानांतर मीन, माध्य और मोड और बहुपद ।

i).बीजगणित 
एलसीएम और एचसीएफ, एलसीएम और एचसीएफ के बीच संबंध, समकालीन समीकरण, द्विघात समीकरण, कारक, क्षेत्र प्रमेय।

ii).रेखागणित
 त्रिभुज और पाइथागोरस प्रमेय, आयत, स्क्वायर, ट्रैपेज़ियम, पेरेमिल्रोग्राम के परिधि और क्षेत्र, परिधि और सर्किल क्षेत्र ।

सामान्य ज्ञान
यूपी लेखपाल सामान्य ज्ञान विषय के लिए निम्न विषयों में सम्मिलित हैं -

i).सामान्य विज्ञान
 राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व के वर्तमान मामले, भारतीय इतिहास, स्वतंत्रता आंदोलन, भारतीय राजनीति और अर्थशास्त्र, विश्व भूगोल और जनसंख्या ।


ii).भारतीय इतिहास
 वित्तीय, सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक दलों के ज्ञान पर फोकस होगा भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की प्रकृति और विशेषता के बारे में भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के तहत, राष्ट्रवाद के उदय |

iii).विश्व भूगोल
 सामान्य ज्ञान का भौतिक / पारिस्थितिकी विज्ञान, आर्थिक, सामाजिक, जनसांख्यिकीय मुद्दों के बारे में परीक्षण किया जाएगा।

iv) ग्राम समाज एवं विकास
 ग्राम विकास भारत, ग्राम विकास कार्यक्रम और प्रबंधन, ग्राम विकास अनुसंधान, ग्राम स्वास्थ्य योजनाओं, ग्राम समाज, विकास, ग्राम विकास आदि है ।


यूपी लेखपाल परीक्षा के बारे में कुछ महत्वपूर्ण बिंदु
1.परीक्षा में 100 प्रश्न होंगे जिनमें 100 अंक शामिल होंगे ।

2.उत्तर प्रदेश लेखपाल परीक्षा 2018 में कोई नकारात्मक अंक नहीं होगा ।

3.समय अवधि 1 घंटे 30 मिनट (90 मिनट) है ।

4.लिखित परीक्षा इंटरमीडिएट स्तर की होती है।

5.ओ एम आर शीट्स पर ऑफ़लाइन मोड के अंतर्गत परीक्षा आयोजित की जाएगी ।

लेखपाल के कार्य में कम्‍प्‍यूटर का कार्य बढ़ता जा रहा है, इसे देखते हुए परिषद ने लेखपाल की नियुक्ति के लिए ट्रिपल सी सर्टिफिकेट को भी अनिवार्य करने की सिफारिश की है, लेखपाल समूह (घ) के पदों पर चयन के लिए सरकार पहले ही ट्रिपल सी सर्टिफिकेट को अनिवार्य कर चुकी है ।

यहाँ आपको हमनें लेखपाल बननें  के बारें  में बताया | यदि इससे सम्बंधित आपके मन में कोई प्रश्न आ रहा है, तो कमेंट बाक्स के माध्यम से व्यक्त कर सकते है | हमें आपके द्वारा की गयी प्रतिक्रिया का इंतजार है ।

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